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भारत में नकली विंडोज-7 से लाखों की कमाई

भारत में नकली विंडोज-7 से लाखों की कमाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी नकली विंडोज सॉफ्टवेयर की कालाबाजारी का बड़ा केंद्र बनती जा रही है। 22 अक्टूबर को माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी किए जाने के बाद से यहां माइक्रोसॉफ्टविंडोज-7 की 50,000 नकली डीवीडी बेची जा चुकी हैं। इससे यहां काला कारोबार करने वालों को 50 लाख रुपए (एक लाख डॉलर) की कमाई हो चुकी है।

लोग नकली सॉफ्टवेयर की ओर बड़ी आसानी से आकर्षित होते हैं क्योंकि यह 40 से 250 रुपए की कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है। हजरतगंज इलाके में स्थित नाजा बाजार इसकी कालाबाजारी के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है।

उत्तर प्रदेश ही नहीं, उसके पड़ोसी राज्यों मसलन मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और यहां तक की उसकी सीमा से लगे पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश के खरीददार माइक्रोसॉफ्ट विंडोज-7 के लिए लखनऊ का रुख करते हैं।

हजरतगंज इलाके में स्थित एक दुकान के मालिक ने कहा, ‘‘यह इस क्षेत्र के सबसे बड़े बाजार के रूप में उभरा है।’’ दुकानदार ने बताया कि आधिकारिक तौर पर जारी किए जाने के 24 घंटे अंदर माइक्रोसॉफ्ट विंडोज-7 के 50,000 नकली डीवीडी हाथों-हाथ बिक गए। इससे विक्रताओं को लगभग 50 लाख रुपए की कमाई हुई।

विश्व की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट द्वारा जारी माइक्रोसॉफ्ट विंडोज-7 का असली डीवीडी 150-300 डॉलर (7,500 से 15,000 रुपये) के बीच आता है। कंपनी ने भारत में इसकी 20 फीसदी कम कीमत निर्धारित की है लेकिन इसके बावजूद इसकी कालाबाजारी में कोई कमी नहीं आई है। आज भी लोग इसके नकली डीवीडी ही खरीदना चाहते हैं।

नकली सॉफ्यवेयर के अलावा नाजा बाजार में बॉलीवुड फिल्मों की नकली डीवीडी भी बड़ी आसानी से मिल जाती हैं। किसी फिल्म के प्रदर्शित होने के 24 घंटे के भीतर यहां से फिल्म की सीडी और डीवीडी हासिल की जा सकती है।

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