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वंदे मातरम पर प्रस्ताव के वक्त चिदंबरम नहीं थे मौजूद

वंदे मातरम पर प्रस्ताव के वक्त चिदंबरम नहीं थे मौजूद

केंद्रीय गहमंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि कल जिस समय जमीयत उलेमा ए हिन्द ने देवबंद में अपने 30वें आम सत्र में मुसलमानों के वंदे मातरम न गाने का प्रस्ताव पारित किया, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे।

चिदंबरम के सहायक द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम तीन नवंबर को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक देवबंद में जमीयत उलेमा ए हिन्द के सम्मेलन में मौजूद थे। इस अवधि के दौरान कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। जब उन्होंने संबोधन दिया तो वह वंदे मातरम या महिला आरक्षण और टेलीविजन से संबंधित किसी प्रस्ताव के बारे में अवगत नहीं थे।

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चिदंबरम के सहायक द्वारा जारी बयान में कहा गया कि चिदंबरम पहले से तैयार संबोधन पढ़ रहे थे और संबोधन के प्रारूप से अलग जाने का कोई मौका नहीं था। जमीयत ने अपने प्रस्ताव के जरिए इस आधार पर मुसलमानों से वंदे मातरम न गाने को कहा है कि इसकी कुछ पंक्तियां इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

राष्ट्र गीत वंदे मातरम के खिलाफ जमीयत का विरोध ऐसे समय सामने आया है जब उसने शिक्षण संस्थान दारुल उलूम के फतवे का समर्थन किया जिसमें ऐसी किसी प्रार्थना का विरोध किया गया है जिसमें यह गीत शामिल हो। नकवी ने कल कहा था कि कार्यक्रम में चिदंबरम की मौजूदगी से प्रस्ताव को वैधता मिल गई, यह चिंता का विषय है।

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