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पर्वतों का ऊंट: याक

पर्वतों का ऊंट: याक

दोस्तो, तुमने कभी याक देखा है। यह जानवर मध्य एशिया, तिब्बती पठार और उत्तर मंगोलिया के हिमालय के पर्वतों में पाया जता है। यह विशाल भैंसे जैसा दिखता है, लेकिन इसके शरीर पर लम्बे घने बाल होते हैं। याक जंगली और पालतू दोनों तरह के होते हैं। जंगली याक अधिकतर तिब्बत में पाये जाते हैं। इनका रंग भूरा और काला होता है। जंगली याक की लम्बाई साढ़े नौ फुट से ग्यारह फुट तक होती है। इनमें नर याक का वजन 800 से 1200 कि.ग्रा. तक होता है। मादा याक का वजन इसके आधे से भी कम होता है।

पालतू याक आकार में छोटे होते हैं। 6.6 फुट से 7.2 फुट के मध्य इनकी लम्बाई होती है। नर याक 350 से 580 कि.ग्रा. के होते हैं। पालतू मादा याक 225 से 255 कि.ग्रा. तक होती हैं। पालतू याक भूरे और काले रंग के अतिरिक्त सफेद भी होते हैं। इनके शरीर पर भी घने बाल होते हैं। ये बाल याक की ठंडी जलवायु से रक्षा करते हैं।

याक निचले पहाड़ों पर नहीं पाये जाते। इनका प्रवास ‘हाई अल्टीट्यूड’ क्षेत्रों में समुद्र तल से 10 हजार फुट से 18 हजार फुट के मध्य होता है। हिमालय में इतनी ऊंचाई पर वृक्ष भी नहीं होते। घास एवं छोटे पौधे ही याक का भोजन होते हैं। इनके शरीर की बनावट ऐसी होती है कि ये शून्य से 40 डिग्री कम तापमान में भी जीवित रह सकते हैं।

पालतू याक किसानों द्वारा खेती-बाड़ी में काम आते हैं। इनके अलावा ये एक स्थान से दूसरे स्थान तक किसानों और व्यापारियों का सामान ले जाने के भी काम आते हैं। इनकी सहायता से ऊंचे-ऊंचे दर्रो को पार करना आसान हो जाता है। याक बर्फीले पहाड़ों पर एक कतार में चलते हैं। पीछे चलने वाले याक अपने मुखिया के पद-चिह्नें पर कदम रखते हुए चलते हैं।

पहाड़ पर रहने वाले लोग याक का दूध पीते हैं। इनके दूध से बना मक्खन एवं पनीर कई दिनों तक खराब नहीं होता। अचरज की बात यह है कि त्योहारों पर लोग पूजा के लिए उस मक्खन से कई प्रकार की पवित्र आकृतियां भी बनाते हैं। याक के बाल भी बहुत काम के होते हैं। इनके द्वारा अनेक वस्तुएं बनाई जाती हैं। कुछ लोग याक का मांस भी खाते हैं। याक की खाल से मजबूत जूते भी बनाये जाते हैं। पहाड़ों में मनोरंजन और उत्सव पर भी याक लोगों का साथी होता है। याक रेस के अलावा पोलो और स्कीइंग में भी शामिल होते हैं। शिमला के निकट स्थित कुफरी में याक की सवारी करने का अवसर मिलता है। मनाली में हिडिम्बा देवी मंदिर के पास याक की सवारी का मौका मिल सकता है। इन स्थानों के अलावा सिक्िकम में भी कई जगह लोग याक की सवारी का लुत्फ उठाते हैं। वहां पर तो तुम याक की सफारी के रूप में लम्बी यात्रा का आनंद भी उठा सकते हो।

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