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मलिन बस्तियों के मकानों का निरीक्षण करेंगी तीन संस्थाएं

 केंद्र सरकार द्वारा मलिन बस्तियों में रहने वालों के लिए बनाए जा रहे मकानों के मुआयने के लिए तीन संस्थाओं का चयन कर लिया गया है। ये तीनों संस्थाएं भारत सरकार से अनुमोदित हैं। इसके अलावा आगरा और मथुरा-वृंदावन में करीब ढ़ाई हजार मकान बनाने के प्रस्ताव को केंद्र ने हरी झंडी दे दी है।

पिछले दिनों केंद्रीय शहरी गरीब उपशमन मंत्रालय के अधिकारियों ने मलिन बस्तियों में रहने वालों के लिए उत्तर प्रदेश में बनाए जा रहे मकानों का निरीक्षण किया था। उसी दिन केंद्र सरकार के अधिकारियों ने निर्देश दिए थे, कि इन मकानों का सामुदायिक और थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाए। आईआईटी रुड़की, सृष्टि इनफ्रास्ट्रक्चर और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोफेशनल इंटरप्राइजेज को निरीक्षण के काम के वास्ते चुना गया है। दिल्ली में बीते दिनों हुई बैठक में इनके नामों को हरी झंडी दी गई। अब इन संस्थाओं के साथ राज्य सरकार जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर कराएगी।

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली की बैठक में मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए बनाए जा रहे मकानों की दूसरी और तीसरी किस्तें मांगने का प्रस्ताव भी रखा गया। जिसमें आगरा में 1240 मकानों का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर लिया है। इसके अलावा मथुरा और वृंदावन के लिए करीब 1400 मकानों का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।

मैला ढ़ोने की प्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए फ्लश शौचालयों के निर्माण योजना के तहत प्रदेश में 241 करोड़ रुपए की योजना है। इसके लिए राज्य सरकार को केंद्र से पूरा धन 15 दिसम्बर तक मिलने की संभावना है। अब तक 90 करोड़ रुपए मिल चुके हैं।

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