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गोपालगंज जेल में छापेमारी

स्कूली छात्र आयुष अपहरण कांड के तार जेल से जुड़े होने के संकेत मिलने के बाद प्रशासन की नजर जेल पर हो गई है। अभी दो दिनों पूर्व जेल में छापेमारी के दौरान कैदियों द्वारा अधिकारियों के साथ मारपीट किए जाने की घटना से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार की अहले सुबह करीब पौने पांच बजे चनावे जेल पर घंटों जर्बदस्त छापेमारी की।

डीएम कुलदीप नारायण, एसपी के. एस. अनुपम के नेतृत्व में चली छापेमारी में प्रशासन को चार मोबाइल, दो सिम और दो चाकू मिले। इसके अलावे भारी संख्या में चाजर्र, इलेक्ट्रिक के तार और वैसे कागज मिले जिनपर विभिन्न लोगों के मोबाइल नंबर लिखे हुए थे।

बताया जाता है कि पुलिस ने जब आयुष की बरामदगी के लिए जांच शुरू की तो पता चला कि जेल के अंदर से ही बात कर घटना को अंजाम दिया गया था। जेल में छापेमारी की खबर को काफी गुप्त रखा गया था। जिसकारण पुलिस को कुछ मोबाइलें हाथ लग गईं। इस छापेमारी में सदर एसडीओ राजदेव सिंह, एसडीपीओ अनिल कुमार, नगर इंस्पेक्टर ददन सिंह के अलावा कुचायकोट, उचकागांव, थावे आदि थानों के थानाध्यक्षों के अलावे बरौली बीडीओ राकेश कुमार गुप्ता, हथुआ बीडीओ कुमार राहुल, मांझा बीडीओ आदि शामिल थे।

समानों की तलाशी के दौरान बरौली के बीडीओ के हाथ की एक अंगुली भी कट गई, छापेमारी के क्रम में ही इलाज  के लिए सदर अस्पताल भेजना पड़ा। सदर अस्पताल में बीडीओ की चिकित्सा कराई गई। छापेमारी को लेकर पूरा जेल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। चप्पे- चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी। सुबह से जबतक छापेमारी चली हर आने-जानेवाले पर नजर रखी जा रही थी। 

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