DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विश्वविद्यालय ने बकाया भुगतान का पैसा खर्च नहीं किया

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार की ओर से बकाया भुगतान के लिए मिले 2 करोड़ 49 लाख में से एक पैसा भी खर्च नहीं किया है। हाईकोर्ट का निर्देश एक तरफ है, एचआरडी सचिव केके पाठक की फटकार दूसरी तरफ। पर केएसडीएसयू की काहिली इन सब पर भारी है। मंगलवार को मानव संसाधन विकास विभाग मुख्यालय में अवमानना, अन्य एरियर तथा दावों की भुगतान की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित आडिटरों की बैठक में यह खुलासा हुआ।

बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा की उपनिदेशक श्रीमती रूबी शरण ने की जबकि मुजतबा हुसैन मंसूरी और दीपक कुमार सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में जहां राज्य के अन्य विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी मौजूद थे वहीं केएसडीएसयू के एफओ नदारद रहे। केएसडीएसयू में तैनात आडिटरों ने एचआरडी को बताया कि वे विवि मुख्यालय में छुट्टी में भी तैनात रहते हैं पर विश्वविद्यालय के अधिकारी उन्हें एक भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराते। विवि की इस काहिली से नाराज शिक्षा विभाग इस विश्वद्यिलय पर कार्रवाई के बारे में गंभीरता से विचार कर रहा है।

हालांकि संस्कृत विवि सरकार से गुहार लगा चुका है कि कई कालेज उसे सहयोग नहीं कर रहे। विवि के निवेदन पर शिक्षा सचिव केके पाठक ने उनसे ऐसे कालेजों की सूची भी मांगी है ताकि उनपर राज्य सरकार सीधे कार्रवाई कर सके। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में बकाए राशि की भुगतान में तेजी आई है।

सरकार से इस मद में मिले 200 करोड़ राशि को सम्बंधित शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों तक पहुंचाने में अब विवि प्रशासन और आडिटर का बेहतर समन्वय सामने आ रहा है। सुप्त पड़े मगध विवि जिसे सरकार ने 71 करोड़ की राशि दी है और बिहार विवि, बीएन मंडल, पटना और मिथिला विश्वविद्यालयों में भी तेजी से मामले निपटाए जाए रहे हैं। इस समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालयों में तैनात वित्त विभाग के 42 आडिटरों ने भाग लिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विश्वविद्यालय ने बकाया भुगतान का पैसा खर्च नहीं किया