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चुनाव लड़ने के इच्छुक 10 माओवादी निष्कासित

झारखंड विधानसभा का चुनाव लड़ने के इच्छुक 10 माओवादियों को संगठन से निष्कासित कर दिया गया है। ये सभी फिलहाल जेल में हैं और विभिन्न दलों की ओर से इनका चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। कुछ तो बजाप्ता राजनीतिक दलों में शामिल भी हो गए हैं। पिछले सप्ताह ही नक्सली रंजन यादव राजद का सदस्य बना है। पलामू के सांसद कामेशवर बैठा के चुनाव लड़ने के एलान के बाद उन्हें भी संगठन से निष्कासित किया गया था। वे फिलहाल गढ़वा जेल में बंद हैं।

बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया कमेटी के प्रवक्ता गोपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ऑर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर को भी निशाने पर लिया है। उन पर निकाले गए माओवादियों के साथ गुप्त समझौता कर नक्सल विरोधी अभियान में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

निष्कासित युगल पाल उर्फ मदन बिहार झारखंड उत्तरी छतीसगढ़ स्पेशल एरिया कमेटी के पूर्व सदस्य रहे हैं। वे 1985 से संगठन से जुड़े रहे हैं तथा नक्सली आंदोलन के स्तंभ माने जाते हैं। उनके साथ निष्कासित नक्सली संतीश उर्फ विनय उर्फ रितेश, अंबिकापुर जेल में बंद रामइकबाल पाल उर्फ अब्दुल, हंसराज राम, दिलीप, लोहरदगा जेल में बंद गुड्ड उरांव, भूषण यादव, रंका गढ़वा के बसंत यादव, रबदा विश्रमपुर के सत्येन्द्र भुइयां उर्फ सत्यवीर एवं टिमरकसया विशुनपुर गुमला के बिल्लू खरवार, रंजन यादव उर्फ केश्वर और संजय यादव पर भी लोकसभा और आहूत विधानसभा चुनाव में हिस्सेदारी निभाने और प्रत्याशी बनने का आरोप लगाया गया है।

सतीश उर्फ विनय 1990 में पार्टी में आय और लगभग 10 वर्ष तक रहे। उन पर नक्सली सतीश बैठा, किरानी यादव और भाष्कर को पुलिस से पकड़वाने का आरोप है। माओवादियों ने जनता से आह्वान किया है कि इन गद्दारों के खिलाफ आवाज तेज करें।

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