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बसों की हड़ताल से ठेका वाहनों की चांदी

ठेका वाहनों के बेतरतीब संचालन के विरोध में बसों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। बसों की हड़ताल का असर दिखने भी लगा है। बहरहाल, बसों की हड़ताल के चलते ठेका वाहनों की चांदी हो रही है।

मंगलवार को भी ऋषिकेश से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए बसों का संचालन नहीं हो सका। रविवार और सोमवार को सरकारी दफ्तरों में अवकाश के कारण बेअसर लग रही हड़ताल का मंगलवार को खासा असर दिखा। तड़के लोग बसों के इंतजार में संयुक्त यात्रा बस-अड्डे पहुंचे। दिल्ली सहित अन्य स्थानों से पहुंचे यात्रियों को ऑटो चालकों ने ही हड़ताल के बारे में जानकारी दी। परिणामस्परूप यात्री सीधे सूमो स्टैंड पहुंचे।

छोटी दूरी की सवारियों को दिनभर परेशान होते देखा गया। नरेंद्रनगर पॉलीटेक्निक के छात्र दोपहर तक वाहनों के इंतजार में नटराज चौक और आस-पास भटकते देखे गए। बहरहाल, इन सबके बीच ठेका वाहनों की मंगलवार को भी चांदी रही। वाहनों को आसानी से सवारियां मिलती रहीं। लोगों को पूरी सुविधा देने के लिए ट्रेकर कमांडर सूमो एसोसिएशन के पदाधिकारी स्वयं मौके पर जमे रहे।

इस बीच मोटर मालिकों के साथ ही स्टाफ का भद्रकाली पर धरना मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर मोटर कंपनियों के संचालकों ने एक स्वर में प्रदेश सरकार के साथ ही अधिकारियों के रवैए की कड़ी निंदा की। उन्होने कहा कि अधिकारी हड़ताल को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आम लोगों को सफर करने के लिए अवैधानिक तरीके से चल रहे ठेका वाहनों के हवाले किया जा रहा है। यदि यही रवैया रहा तो मोटर कंपनियां उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। इस मौके पर संयुक्त रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष गंभीर सिंह भंडारी सहित तमाम लोग मौजूद थे।

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