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सिक्योरिटी की चूक से बाहर निकला मारफीन

ओपीएम फैक्ट्री के महाप्रबंधक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक के चलते ही यहां से मारफीन और अफीम की खेप बाहर निकली है क्योंकि फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को पूरी तलाशी के बाद ही गेट से बाहर जाने दिया जाता है। फैक्ट्री की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने की हिमाकत कोई कर्मचारी नहीं कर सकता है बशर्ते सीआईएसएफ के जवान ढील न दें।

श्री सिंह ने बताया कि फैक्ट्री का काम दो शिफ्टों में चलता है। फैक्ट्री से निकलने वाले सभी कर्मचारियों की कड़ी तलाशी का जिम्मा सीआईएसएफ पर है। इसके अलावा अन्दर भी सभी कर्मचारियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सीआईएसएफ की ही है। उन्होंने कहा कि यदि उनका कोई कर्मचारी मारफीन या अफीम चुराकर बाहर निकलता है तो इसके लिए फैक्ट्री के अधिकारी नहीं बल्कि सीआईएसएफ के जवान ही दोषी हैं।

उन्होंने बताया कि सुबह छह बजे से दिन में दो बजे तक और अपराह्न् दो से रात में दस बजे तक दो शिफ्टों में काम होता है। रात में सभी कर्मचारियों के चले जाने के बाद और अगले दिन सुबह छह बजे शाम शुरू होने के बीच कार्यालयों एवं परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ की ही है।

मैंने उच्चधिकारियों से पहले भी तथा आज फिर लिखित रूप से आग्रह किया कि सीआईएसएफ के जवानों की जांच के लिह भी अधिकारी नियुक्त किये जायें। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दो वाच टावर बनाये जाने और बाउंड्रीवाल को छह फुट से बढ़ाकर 12 फुट ऊंचा किये जाने का प्रस्ताव है।

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