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पाक में सरकार व विपक्ष के समझौते की उम्मीद टूटी

पाकिस्तान सरकार और उसके खिलाफ विरोध का बिगुल फूंक चुके विपक्ष के बीच समझौते की उम्मीदें शनिवार को उस समय तार-तार हो गईं, जब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दबाव के समक्ष घुटने टेकने से इनकार कर दिया। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी है। स्वतंत्र न्यायपालिका की मांग को लेकर वकीलों और विपक्षी दलों के विरोध अभियान से पाकिस्तान में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। इस्लामी आतंकवाद से निपटने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने को लेकर एक मोर्चे पर जूझ रही जरदारी सरकार को दूसरे मोर्चे पर विपक्षी दलों और वकीलों के आंदोलन का सामना भी करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी समझौते के प्रयास के तहत पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्ष और न्यायपालिका को ‘समझौता पैकेज’ का प्रस्ताव रख चुके हैं, लेकिन जरदारी के अपने रुख पर कायम रहने से किसी तरह के हल की कोई गुंजाइश नहीं बन रही है। राष्ट्रपति ने खासकर वकीलों और विपक्ष के प्रस्तावित ‘लांग मार्च’ के मद्देनजर घुटने टेकने से इनकार कर दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मुझे जहां तक मालूम है कि राष्ट्रपति जरदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेंगे। शरीफ को लांग मार्च रोकना पड़ेगा। समाचार पत्र ‘द न्यूज’ ने लिखा है कि जरदारी ने अमेरिका और ब्रिटेन समर्थित समझौता पैकेज को ठुकरा दिया है। इन दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों ने समझौते को लेकर पिछले दिनों दोनों पक्षों से सम्पर्क किया था। अखबार ने लिखा है कि लांग मार्च समाप्त होने के बाद ही पाकिस्तानी राष्ट्रपति किसी तरह की मध्यस्थता के सूत्र पर विचार करेंगे। अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान और अलकायदा के खिलाफ पाकिस्तान के शिकंजा कसने का प्रयास अफगानिस्तान में स्थिति सामान्य करने और अलकायदा को शिकस्त देने की अमेरिकी योजना की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यदि पाकिस्तान में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो सेना किसी न किसी रूप में अपना टांग अवश्य अड़ाएगी। हालांकि यादातर विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में सेना का तख्तापलट असंभव दिख रहा है। इस बीच अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी एडमिरल माइकल मुलेन ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख अशफाक कयानी मौजूदा राजनीतिक संकट के बावजूद सैन्य तख्तापलट नहीं करेंगे। अमेरिका के वायंट चीफ आफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल मुलेन ने कल अमेरिकी पीबीएस नेटवर्क से साक्षात्कार में कहा कि वह (कयानी) नागरिक सरकार के प्रति वचनबद्ध हैं। वह पाकिस्तान में लोकतंत्र जारी रखना चाहते हैं।

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  • Web Title: पाक में सरकार व विपक्ष के समझौते की उम्मीद टूटी