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ब्यूटी ब्रेक

ब्यूटी ब्रेक

ब्यूटी सैलून में पेडिक्योर और हेयर ट्रीटमेंट ले रही किसी महिला को बीमार कहने में थोड़ी-सी हिचकिचाहट होना स्वाभाविक है, पर पूजा बेदी के लिए नहीं। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में डेंगू का इलाज करा रही पूजा ने न सिर्फ पेडिक्योर और बालों को ब्लो-ड्राइड कराया, बल्कि उनका मानना है कि उसका उन्हें फायदा भी हुआ। वह कहती हैं ‘जसे ही मुझे मालूम हुआ कि हॉस्पिटल में ब्यूटी सैलून भी है, मैं खुद को वहां जाने से नहीं रोक सकीं। मैंने वहां पेडिक्योर और हेयर को ब्लो-ड्राइड करवाया। इससे मुङो मूड लिफ्ट करने में मदद  मिली और मंने अच्छा महसूस किया।’

हुआ यूं कि पिछले कुछ दिनों से पूजा को लगातार बुखार की शिकायत थी, जो ठीक नहीं हो रहा था, लिहाज वह बुखार की दवा ही ले रही थीं। लेकिन जब उनके प्लेटेलेट्स काउंट बहुत कम हो गए तो उन्हें हॉस्पिटल में भरती कराना पड़ा। पूजा कहती हैं ‘ सामान्य प्लेटेलेट्स की संख्या डेढ़ लाख से चार लाख होती है, मेरे केस में यह संख्या घटकर 56 हजर हो गई थी। 103 डिगरी बुखार में मेरा शरीर ठंड से बुरी तरह कांप रहा था। वहां के पॉश और कूल माहौल में भी मुङो अच्छा नहीं लग रहा था। मेरे साथ वार्ड में तीन और लोग थे। एक की डेथ हो गई थी, जिससे मैं थोड़ा घबरा भी गई थी।

‘सभी नकारात्मक विचार एकदम से दूर हो गए, जब मुझे मेरे रूम में ले जाया गया। वह फाइव स्टार स्यूट था, जिसमें प्लाज्मा टीवी था और डॉक्टर भी मेरे जल्दी ठीक होने के लिए प्रयास कर रहे थे। जसे-जसे मेरे बीमार होने की खबर फैली तो खास फ्रैंड्स मिलने आने लगे। सबसे हैरत की बात यह थी कि टीना अंबानी, जो उस समय राउंड पर थीं, वह भी मुझ से मिलने आयीं।’  ब्यूटी ट्रीटमेंट के बाद पूज ने अपने एक प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए डॉक्टर की सलाह भी नहीं मानी और वह अपना वादा पूरा करने के लिए हॉस्पिटल से जल्द ही छुट्टी लेकर चली आयीं।
पूजा कहती हैं, ‘यह सुन कर हैरानी हो सकती है, पर अब मैं जल्द ठीक हो रही हूं। मैं बहुत चिंता नहीं करती। यही वजह है कि बीमारी में भी मैं अपने सभी काम पूरे कर लेती हूं। इसे कहते हैं रियल स्प्रिट।’

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