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अगले साल से इंटरनेट पर वेब एड्रेसों का टोटा

अगले साल से इंटरनेट पर वेब एड्रेसों का टोटा

यूरोपियन कमीशन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तत्काल कोई कदम नहीं उठाया गया, तो अगले साल से इंटरनेट पर वेब एड्रेसों का टोटा पड़ सकता है।

कमीशन के अनुसार इंटरनेट का कारोबार करने वाले वाणिज्यिक संस्थानों को तत्काल इंटरनेट प्रोटोकॉल वर्जन को आईपीवी 6 प्रणाली में अपग्रेड करना चाहिए, नहीं तो अगले साल से इंटरनेट में वेब एड्रेसों में जबरदस्त कमी आ जाएगी। यह प्रणाली अपनाने से वर्तमान वेब एड्रेसों की क्षमता बढ़ जाएगी।

उल्लेखनीय है कि आईपीवी 6 नामक नई प्रणाली करीब एक दशक से तैयार पडी़ है, लेकिन कंपनियां इस प्रणाली को अपनाने को फिलहाल तैयार नहीं दिखाई दे रही हैं। इस नई प्रणाली से 340 खरब नए वेब एड्रेस उपलब्ध हो जाएंगे।
 द डेली टेलीग्राफ के अनुसार कमीशन द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में यह पाया गया कि अब नई कंपनियां पुरानी प्रणाली आईपीवी 4 को छोड़कर नई प्रणाली आईपीवी 6 को अपनाने को तैयार हो रही हैं।

गौरतलब है कि आईपीवी 4 और आईपीवी 6 वह तकनीक है, जिसमें वेब एड्रेस बनाए जाते हैं। प्रत्येक वेब साइट का अपना एक अलग आईपी एड्रेस होता है, जो प्रयोगकर्ता को आवंटित किया जाता है, जिससे उन्हें वेब एड्रेस याद रखने में आसानी हो। वर्तमान में कार्यरत आईपीवी 4 तकनीक में 32 बिट के एड्रेस का प्रयोग किया जाता है, जो करीब 4.3 अरब नए एड्रेसों को चलाता है। वहीं आईपीवी 6 में 128 बिट के वेब एड्रेसों का प्रयोग होगा, जिससे खरबों नए वेब एड्रेस बनाए जा सकेंगे।

यूरोपीय कमीशन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इंटरनेट के विकास और स्थायित्व के लिए समय रहते सुधार किए जाने की जरूरत है। कमीशन के सूचना महानिदेशक डेटलेफ एकर्ट ने कहा कि पिछले दस सालों में इंटरनेट पूरी दुनिया आर्थिक कारणों से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इंटरनेट के विकास के लिए इससे जुडे़ सभी उपकरणों को आईपीवी 6 से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि हम पूरी दुनिया से जुडे़ रह सकें।

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