DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तो दून में नहीं होगी नई यूनिवर्सिटी

कैबिनेट ने तो मुहर लगा दी है कि नई यूनिवर्सिटी दून में बनेगी लेकिन अब इसमें राजनीतिक पेंच फंस गया है। यूनिवर्सिटी की जगह के निर्धारण के लिए अब कैबिनेट के सामने संशोधित प्रस्ताव रखा जाएगा। 21 अक्टूबर की कैबिनेट के सामने प्रदेश में नई यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव रखा गया था। एक लाइन के इस प्रस्ताव में महज इतनी बात थी कि गढ़वाल विवि से जुड़े कॉलेजों के लिए नई यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।

कैबिनेट में चर्चा के दौरान इसके लिए जगह भी फाइनल कर दी गई। इस तरह जो प्रस्ताव पारित हुआ उसमें दून में नई एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही गई। मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे ने भी प्रेस के सामने यही कहा कि नई यूनिवर्सिटी दून में बनेगी लेकिन पिछले सप्ताह इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया। इसका परिणाम यह निकला कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री को श्रीनगर में कहना पड़ा कि नई यूनिवर्सिटी के लिए अभी जगह का निर्धारण नहीं हुआ है।

गढ़वाल के छात्र, शिक्षक और नेता इस यूनिवर्सिटी को श्रीनगर, टिहरी या पौड़ी में से किसी एक जगह चाह रहे हैं। सरकार इस मामले की राजनीतिक अहमियत समझ रही है। इसी के चलते अब यूनिवर्सिटी की जगह के मामले में कैबिनेट के सामने संशोधित प्रस्ताव लाया जाएगा। उच्च शिक्षा के ओएसडी आरके सिंह का कहना है कि नई यूनिवर्सिटी पर अभी डिटेल-रिपोर्ट तैयार होनी है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी के स्थान के निर्धारण के लिए संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री का अप्रूअल जरूरी है।

मुख्यमंत्री का अप्रूअल नई यूनिवर्सिटी के लिए था न कि स्थान के लिए। इसलिए इस बारे में संशोधन लाया जाएगा। हालांकि, यूनिवर्सिटी के स्थान को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि दून, विकासनगर, ऋषिकेश, मसूरी, हरिद्वार, रुड़की और नरेंद्रनगर आदि के सभी उपाधियों के एक लाख से अधिक छात्र-छात्रओं के लिए दून सुविधाजनक होगा जबकि श्रीनगर, टिहरी या पौड़ी में यूनिवर्सिटी बनने से इसका लाभ 20-22 हजार छात्र-छात्रओं तक सिमट जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:तो दून में नहीं होगी नई यूनिवर्सिटी