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कोड़ा पर बरसेगा अब इंटरपोल का कोड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एंड कंपनी के मामले में इंटरपोल की मदद ली जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग के अनुरोध पर इंटरपोल ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को कोड़ा और उनके सहयोगियों के 70 ठिकानों पर आयकर ने छापामारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये थे। इससे जानकारी मिली कि कोड़ा ने विदेशों में भी अरबों रुपये का निवेश किया है। उनकी संपत्ति दुनिया के कई देशों में फैली हुई है, लिहाज इंटरपोल लेने का निर्णय लिया गया है। 


  इधर आयकर विभाग के अधिकारी कोड़ा से 2000 करोड़ रुपये का राज उगलवाने की कोशिश में जुटे हैं। लगातार तकरीबन 30 घंटे से रुक-रुक कर उनसे पूछताछ की जा रही है। रांची के दीनदयाल नगर स्थित कोड़ा के सरकारी आवास में किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं जाने दिया जा रहा है। गेट पर कड़ा पहरा है। अंदर आयकर विभाग के उच्चधिकारी बारी-बारी से उनसे पूछताछ कर रहे हैं। कोड़ा और उनके निकट सहयोगियों विनोद सिन्हा और संजय चौधरी के जमशेदपुर और चाईबासा ठिकानों पर छापेमारी पूरी कर आयकर की टीम रविवार को रांची लौटी। आयकर के अधिकारी अपने साथ कोड़ा के कम्प्यूटर का हार्ड डिस्क भी लेकर आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने विनोद सिन्हा के भाई विकास सिन्हा को रांची पूछताछ के लिए तलब भी किया है।


  आयकर विभाग ने छापामारी से पूर्व लगभग एक साल तक होमवर्क किया। इस दौरान कोड़ा और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य इकट्ठा किये गये। छापामारी के दौरान प्राप्त साक्ष्यों पर कोड़ा की सहमति ली जा रही है। शनिवार को आयकर निदेशक उज्जवल चौधरी ने कहा भी था कि विभाग लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश में है। लक्ष्य के बाबत पूछे जाने पर वह टाल गये। इतना भर कहा कि पहले से काफी जानकारी है, जिसकी जाँच की जा रही है। आयकर विभाग इस छापामारी को काफी सफल मान रहा है।


  छापों में हवाला से जुड़े कई दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। दो हवाला एजेंट अरविंद व्यास और ललित जैन को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ के लिए रांची से अपर आयुक्त स्तर के दो अफसर रविवार को सेवाविमान से मुंबई गये। इनमें से एक हैदराबाद से आये हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को आयकर महानिदेशक (अनुसंधान) अंजनी कुमार के रांची आने की संभावना है। 


 पूर्व सीएम मधु कोड़ा के सहयोगी विनोद सिन्हा और संजय चौधरी रविवार को आयकर विभाग के समक्ष हाजिर नहीं हुए। आयकर निदेशक उज्जवल चौधरी ने इन्हें 24 घंटे की मोहलत दी थी। विभाग द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर दोनों उपस्थित नहीं हुए। अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। आयकर विभाग का मानना है कि विनोद और संजय से पूछताछ से और भी कई राज खुलेंगे। काली कमाई को विनोद ने ही देश-विदेश में निवेश किया है।

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