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तीन लाख संस्थागत छात्रों का रिजल्ट हो जाएगा डिटेंड

मार्कशीट की कॉपी नहीं होने से विवि के तीन लाख संस्थागत छात्रों का रिजल्ट डिटेंड होने की कगार पर पहुंच गया है। छात्रों के परीक्षा फार्म सीधे इंटरनेट की कॉपी से जमा कराए हैं जबकि यह केवल प्रवेश के लिए ही मान्य की गई थी। ऐसे में छात्रों को अपनी मार्कशीट की कॉपी दोबारा जमा करानी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो रिजल्ट डिटेंड हो जाएगा।

विवि की बार कोड, सिक्योरिटी कोड और होलोग्राम की मार्कशीट देने की घोषणा के बावजूद नियत समय पर मार्कशीट नहीं देने का खामियाजा तीन लाख छात्रों को भुगतना पड़ सकता है। विवि ने प्रवेश के लिए छात्रों को इंटरनेट मार्कशीट की अनुमति देते हुए स्थिति तो संभाल ली, लेकिन इसी बीच मुख्य परीक्षा फार्म भरने की तिथि भी जारी कर दी गई। 66 एडेड कॉलेजों सहित सभी सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों नेतीन लाख छात्रों ने मार्कशीट के अभाव में इसी इंटरनेट की कॉपी से मुख्य परीक्षा फार्म भरवा दिए।

14 अक्टूबर अंतिम तिथि होने तक मार्कशीट नहीं मिलने पर कॉलेजों ने भी फार्म विवि भिजवा दिए। सूत्रों के अनुसार इंटरनेट की कॉपी ऑरिजनल मार्कशीट के समकक्ष नहीं हो सकती। परीक्षा विभाग को विवि ने इंटरनेट की कॉपी को मान्य करने के लिए कोई आदेश नहीं दिए हैं। ऐसे में अंकों की सत्यता के लिए छात्रों की मार्कशीट की कॉपी चाहिए जो फार्म में है नहीं।

इसके अभाव में छात्रों के फार्म अधूरे माने जाएंगे और यदि रिजल्ट जारी होने तक जमा नहीं हुई तो उन्हें डिटेंड कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक विवि को मार्कशीट की कॉपी जमा करानी ही होगी। ऐसे में या तो छात्र सीधे मार्कशीट की कॉपी देंगे अथवा कॉलेजों को एकत्र का विवि को भेजनी होंगी। 

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  • Web Title:तीन लाख संस्थागत छात्रों का रिजल्ट हो जाएगा डिटेंड