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आईआईटी इंट्रेंस एग्जाम में नई व्यवस्था

आई साइड से ग्रसित छात्रों को आईआईटी ने इंट्र्रेंस एग्जाम में मोटे फॉन्ट के पेपर चुनने की सौगात देते हुए नई शुरुआत की है। मोटे फॉन्ट के लिए छात्रों को किसी डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट भी नहीं देना होगा। ऑनलाइन फार्म भरने वाले छात्रों को भी आईआईटी ने फीस में दस फीसदी छूट का प्रावधान किया है।

11 अप्रैल को प्रस्तावित आईआईटी इंट्रेंस में छात्रों को कई सौगात दी गई हैं। सबसे बड़ी सौगात आई साइड वीकर स्टूडेंट के लिए है। ऐसे छात्रों को अब दूसरे छात्रों की तुलना में बड़े फॉन्ट का पेपर दिया जाएगा। छात्रों को इसके लिए किसी मेडिकल सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं होगी। द्रोणाचार्य के निदेशक विजय अरोड़ा के अनुसार आईआईटी इंट्रेंस फार्म में ही बड़े फॉन्ट की एप्लीकेशन का फॉर्मेट दिया गया है।

छात्रों को सिर्फ इसी फॉर्मेट का भरना होगा। इसके बाद एग्जाम में आई साइड वीकर स्टूडेंट को अलग से मोटे फॉन्ट में पेपर मिलेगा। अरोड़ा के मुताबिक अभी तक सभी छात्रों को समान फॉन्ट का पेपर मिलता है। ऐसे में आई साइड वीकर स्टूडेंट को प्रश्न पढ़ने में दिक्कत होती थी। दूसरी ओर, ऑनलाइन फार्म भरने वाले छात्रों को आईआईटी दस फीसदी की छूट देगी।

अरोड़ा के अनुसार आईआईटी ने फीस में दस फीसदी छूट का प्रावधान भी इस बार किया है। छात्र एक नवंबर से सात दिसंबर तक ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। अरोड़ा के अनुसार यह छूट जनरल, एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों को ऑनलाइन फार्म सब्मिट करने पर मिलेगा। यानी अगर फीस एक हजार रुपये है तो ऑनलाइन फार्म भरने वालों को नौ सौ रुपये ही देनी होगी।

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