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चार साल पहले के शस्त्र लाइसेंसों की क्रास चेकिंग होगी

सेटिंग कर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चार साल पहले जारी हुए शस्त्र लाइसेंसों की एक बार फिर से जाँच शुरू हो गई है। ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आवेदक ने पता बदल कर लाइसेंस हासिल कर लिया। इसके बाद शासन के निर्देश पर पुलिस ने पुराने शस्त्र लाइसेंसों की क्रास चेकिंग शुरू करा दी।

प्रदेश में सपा सरकार के दौरान जारी शस्त्र लाइसेंसों में काफी हेरफेर सामने आने पर अफसरों के कान खड़े हुए। शासन से निर्देश मिलने के बाद आला अफसरों ने पुराने लाइसेंसों की जाँच शुरू करा दी। छह-छह माह की सूची बनाकर सभी थानों से लाइसेंस धारकों का ब्योरा माँगा जा रहा है। सभी थानों को निर्देश गया है कि लाइसेंस धारक के तब के और अब के क्रिया-कलापों की पूरी जानकारी जुटाकर भेजी जाए।

यदि लाइसेंस हासिल होने के बाद भी उसने आपराधिक कार्य किया तो अब तक उसके लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ऐसे लोगों की सूची अलग बन रही है जिन्होंने लाइसेंस हासिल करने के लिए जो पता लिखा अब वह वहाँ नहीं रह रहे हैं। ऐसा किन कारणों से किया गया, संबंधित थानों से रिपोर्ट और दो लोगों की गारंटी माँगी गई है।

आईजी सूर्य कुमार शुक्ला के मुताबिक, पता गलत लिखाकर, मुकदमा छिपाकर कई ठेकेदरों और दबंगों ने लाइसेंस ले लिया। कई ऐसे मामले खुलने के बाद फिर से जाँच को कहा गया है। यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ संबंधित थाने की पुलिस ने रिपोर्ट क्यों नहीं लगाई। दोषी पुलिसवालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। 

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