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हादसे ने हटाई स्मृति पटल पर जमी गर्द की परत

कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेले की पूर्व संध्या पर हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना में घायल श्रद्धालुओं की कराह ने 24 वर्ष पूर्व हुए ट्रेन हादसे की स्मृति पर जमी गर्द की परतें हटा दीं। यह हादसा वर्ष 1985 में फैजाबाद शहर में मोदहा रेलवे क्रासिंग पर चौदह कोसी परिक्रमा के दौरान हुआ था। इस दुर्घटना में ट्रेन से कटकर कई श्रद्धालुओं की असमय दर्दनाक मौत हो गई और कई गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं ठीक अगले साल 1986 में राम पैड़ी नहर की खुदाई के दौरान भी चौदह कोसी परिक्रमा के दौरान गड्ढे में गिरकर कई श्रद्धालु असमय काल के गाल में समा गए थे।

बताते चलें कि स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर रविवार को यहाँ आ रहे श्रद्धालु टिकरी एवं नवाबगंज रेलवे स्टेशन (गोण्डा) के बीच चकरसूल गाँव जाने के रास्ते में स्थित मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। इस दुर्घटना में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। जबकि इससे अधिक श्रद्धालु गम्भीर रूप से घायल हैं, उनका जिला चिकित्सालय और लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उपचार हो रहा है। इसी तरह की दुर्घटना वर्ष 1985 में मोदहा रेलवे क्रासिंग के पास उस समय हुई थी जब रात में श्रद्धालु 14 कोसी परिक्रमा कर रहे थे।

बताते हैं कि परिक्रमा के दौरान ही परिक्रमार्थी मोदहा रेलवे क्रासिंग को पार कर रहे थे। उसी दौरान बिना लाइट की ट्रेन आ गई और श्रद्धालुओं को अपने आपको बचाने का भी मौका नहीं मिला। ट्रेन उन्हें रौंदती हुई आगे निकल गई।ऐसी ही स्थिति वर्ष 1986 में गांधी आश्रम के निकट रामपैड़ी पर हुई रात्रि के अंधेर में परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु एक-एक कर गड्ढे में गिरते रहे और भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ती रही।

इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी एवं सरकारी गवाह रहे अम्बेडकरनगर के अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ल ने बताया कि दुर्घटना के दौरान वर्तमान डीजीपी कर्मवीर सिंह फैजाबाद जिले के एसएसपी पद पर तैनात थे। वह बताते हैं कि अंधेरे के कारण रामपैड़ी नहर के लिए खोदे गए गड्ढे में श्रद्धालु गिरते रहे और भीड़ ने उन्हें कुचल दिया था।

मेलों के दौरान ही तीसरी दुर्घटना वर्ष 1996 के चैत्रराम नवमी मेले के दौरान राजद्वार रामकोट  के राजकीय उद्यान की दीवार गिरने से हुई। दुर्घटना में एक यात्राी की मौत हो गई और कई घायल हो गए थे। इस मामले की जाँच के आदेश तत्कालीन जिलाधिकारी गुलबीर सिंह ने दिए थे, लेकिन समय बीतन के साथ ही पूरे मामले की लीपा-पोती कर दी गई।

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