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बालू लाद कर रोज गुजरते हैं 300 ट्रक

15 मौत और 52 रेल यात्रियों के घायल होने की वजह बनी गोण्डा की चकरसूल स्थित कल्याणपुर मानव रहित रेलवे क्रासिंग पर रोज ही लगभग तीन सौ बालू लदे ट्रक गुजरते हैं। इनमें से ही एक ट्रक रविवार को इस हादसे का कारण बना। ऐसा नहीं कि इस क्रासिंग पर हादसा पहली बार हुआ। इसके पूर्व भी दो बार हादसे हो चुके हैं लेकिन शुक्र थी मौत नहीं हुई इसीलिए रेलवे ने भी अनदेखी कर दी। यहाँ बस ठहरिए और रुकिए का एक बोर्ड ही सुरक्षा का उपाय है।

ट्रेन हादसे की वजह बना ट्रक नम्बर यू.पी. 33 ए 8653 चकरसूल से बालू खनन कर ओवर लोड होकर रवाना हुआ। बताया जाता है कि चकरसूल में अवैध रूप से बालू की खनन भी होती है। मौजूदा समय में रोज लगभग 300 ट्रक बालू की आपूर्ति राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन ओवर ब्रिज और फोर लेन सड़क के लिए हो रही है। ऐसे में निरन्तर ट्रकों का आवागमन बना रहता है।

रास्ता ऐसा है कि वाहन जब बिल्कुल रेल ट्रैक के पास पहुँच जाते हैं तभी उन्हें पता चल पाता है कि बाईं या दाईं तरफ से कोई ट्रेन आ रही है या नहीं। यह स्थिति हादसे का वजह बनी। ट्रेन के इंजन से हल्की टक्कर के साथ ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह तहस-नहस हो गया। जबकि ट्रेन के इंजन के अगले हिस्से में बाईं ओर कुछ जगहों पर खरोंच आईं। बम्फर  व स्टेप भी क्षतिग्रस्त हो गया।

इंजन पर लगी एक लाइट टूटी। नीचे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई। फिर भी इंजन को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। ट्रेन का इंजन अपने साथ ट्रक के कुछ परखच्चों को दो सौ मीटर दूर तक लेकर चला गया। रेलवे क्रासिंग के सामने रहने वाले मदरसा के शिक्षक इलियास ने बताया कि इसके पूर्व भी दो बार बालू लदे ट्रक ट्रेन से लड़ चुके हैं लेकिन कोई मौत नहीं हुई।

इस तरह का एक हादसा छह वर्ष पूर्व और दूसरा हादसा दो वर्ष पूर्व हुआ था। सिर्फ कुछ लोगों को चोटें आईं इसलिए इन हादसों की अनदेखी कर दी गई। कांग्रेस नेता नबी बख्श कादरी ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि उच्च स्तर पर हस्तक्षेप कर रेलवे से इस क्रासिंग पर फाटक लगवाया जाए और गेटमैन की तैनाती हो। उन्होंने कहा कि जिस मानव रहित रेलवे क्रासिंग से रोज बालू लदी तीन सौ ट्रकें गुजर रही हों वहाँ इस तरह के हादसे दुबारा भी हो सकते हैं।

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