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सावधान, खाकी वर्दी में घूम रहे हैं लुटेरे

लुटेरों ने अपराध का तरीका बदल लिया है। सामने से झपटमारी व लूटपाट करने की बजाय पुलिस का चोला पहन कर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। शनिवार को इसी तरह दो युवकों ने पुलिस बनकर एक महिला प्रोफेसर से उसके गहने ठग लिए। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।

चेनस्नैचिंग, लूट, चोरी व छीना-झपटी जैसे गंभीर मामलों को अंजाम देने वाले लुटेरों ने इन दिनों अपराध का नया तरीका अख्तियार किया है। लुटेरे चलाकी से इन दिनों पुलिस की वर्दी की आड़ में घटनाएं कर रहे हैं। हाल में दिल्ली में पुलिस बनकर लुटेरों ने एक व्यापारी को अगवा करने का प्रयास किया था। इसी तरह पुलिस बनकर शनिवार को महिला लेक्चरर के गहने ठग लिए।

पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि पुलिस की वर्दी में वारदात करने में लुटेरों को सहूलियत है। इसलिए वे पुलिस की आड़ लेते हैं। सीधे लुटेरों को घटनाएं करने से भुग्तभोगी तत्काल पुलिस को सूचित करता है। इससे कई दफा लुटेरे रंगे हाथ पकड़ भी लिए जाते हैं, जबकि पुलिस बनकार वारदात करने में लोग ज्यादातर मामलों को दबाकर बैठ जाते हैं। या फिर देर से पुलिस को सूचित करते हैं। तब तक लुटेरे काफी दूर निकल चुके होते हैं।

पुलिस कमिश्नर पी.के.अग्रवाल बताते हैं, पब्लिक में जागरुकता न होने के चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस कर्मियों को आईकार्ड दिए गए हैं। ऐसे मामलों में तत्काल उनके पहचान पत्र देखें, संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। इस दौरान किसी को भी अपने गहने अथवा नगदी या अन्य कीमती सामान न दें।

वारदातों के आंकड़े
-नकली सीआईडी अधिकारी बनकर बल्लभगढ़ के भगतसिंह कॉलोनी से एक रिक्शा चालक को बंधक बनाकर 30 हजार ठगे।
-गांधी कॉलोनी की एक महिला से (अस्पताल से घर जाते समय) रास्ते में नकली पुलिस बनकर लुटेरों ने गहने उतरवा लिए।
-नेहरू कॉलेज की प्रोफेसर से नकली पुलिस बनकर ठग लिए गहने।

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