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कर्नाटक संकट खत्म करने की मुहिम तेज

कर्नाटक संकट खत्म करने की मुहिम तेज

कर्नाटक भाजपा में उपजे संकट को समाप्त करने के प्रयास में पार्टी का पूरा केंद्रीय नेतृत्व जुट गया है और उसे उम्मीद है कि वहां नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के प्रतिनिधियों ने भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात कर आश्वस्त कराया कि येदियुरप्पा को पद से नहीं हटाया जायेगा।

दक्षिण भारत में पहली बार अपने बूते बनी सरकार बचाने की जीतोड़ कोशिश में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज आदि ने शनिवार को कर्नाटक के प्रमुख नेताओं से अलग-अलग बातचीत की।

कर्नाटक मामलों के प्रभारी भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने नई दिल्ली में भरोसा दिलाया कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि धनंजय कुमार ने भी यही उम्मीद जतायी। येदियुरप्पा के दूत के तौर पर आये पूर्व सांसद धनंजय कुमार ने कहा, हमने आडवाणी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इन सभी का यही मत था कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया जायेगा।

धनंजय कुमार ने कहा कि अन्य पक्ष (असंतुष्ट नेता) को कुछ भी शिकायत हो, उनकी बात सुनने और फिर एक सौहार्दपूर्ण हल ढूंढने के लिये नेतृत्व का नजरिया खुला है।

कर्नाटक के गृह मंत्री वी एस आचार्य ने आडवाणी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर सुषमा और जेटली भी मौजूद थे। उधर, कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेट्टर ने जेटली और अनंत कुमार से भी मुलाकात की, जिन्हें असंतुष्ट खेमा येदियुरप्पा के विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। शेटटर, बेल्लारी बंधु, जनार्दन रेड्डी और जी करुणाकर रेड्डी के नेतृत्व वाले असंतुष्ट नेताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

अनंत कुमार के निवास पर शेट्टर और अचारी, दोनों से बातचीत की गयी जिस दौरान जेटली भी मौजूद थे। दबदबा रखने वाले लिंगायत समुदाय का येदियुरप्पा की ही तरह प्रतिनिधित्व करने वाले शेट्टर की मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी का बेल्लारी के रेड्डी बंधु समर्थन कर रहे हैं।

अनंत कुमार ने कहा है कि भाजपा पार्टी की रूपरेखा के भीतर संकट का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी। इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने अपने रुख में थोड़ी नरमी लाने का संकेत दिया है।

येदियुरप्पा के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले रेड्डी बंधुओं को सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में तलब किया गया है। केंद्रीय नेतृत्व ने चार नवंबर को येदियुरप्पा को भी बुलाया है।

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