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राष्ट्रमंडल खेल उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनना चाहते हैं शाहरुख

राष्ट्रमंडल खेल उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनना चाहते हैं शाहरुख

बालीवुड के बादशाह शाहरूख खान ने अगले साल दिल्ली हाफ मैराथन में दौड़ने का वादा करते हुए शनिवार को नई दिल्ली में कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह राष्ट्रमंडल खेल 2010 के उद्घाटन समारोह में भाग लेना चाहेंगे।

हाफ मैराथन के भागीदारों की हौसला अफजाई के लिए पहुंचे शाहरुख ने पत्रकारों से कहा कि मैं इस बार पूरी तरह फिट नहीं था इसलिए दौड़ में भाग नहीं ले पाया लेकिन दिल्ली में मेरा दिल बसता है। मैं इन्हीं सड़कों पर दौड़कर बड़ा हुआ हूं और फिर से यहां दौड़ना चाहता हूं। यदि अगले साल मैं फिट रहा तो कम से कम दो किलोमीटर तक जरूर दौड़ूंगा।

हाकी पर आधारित 'चक दे इंडिया' फिल्म के अभिनेता ने कहा कि वह अगले साल राष्ट्रमंडल खेल की कुछ प्रतियोगिताएं देखने के लिए भी दिल्ली आएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है भारत सफल राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन करेगा। मैं इसकी कुछ स्पर्धाएं जरूर देखना चाहूंगा। इसलिए दिल्ली वालो अभी से तैयार हो जाओ।

शाहरुख से जब पूछा गया कि क्या वह इस खेल महाकुंभ के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उद्घाटन समारोह का हिस्सा भी बनना चाहेंगे कि हां मुझे उसमें परफार्म करके अच्छा लगेगा।

इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक ने आशा जतायी कि जिस तरह से भारत क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ रहा है वैसे ही अन्य खेलों में भी आगे बढ़ेगा।

शाहरूख ने कहा कि हमारा देश क्रिकेट, हाकी और मुक्केबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। देश के विकास के लिए खेलों को बढ़ावा देना जरूरी है और मुझे विश्वास है कि जिस तरह से हम क्रिकेट में आगे बढ़े हैं उसी तरह से अन्य खेलों में भी दुनिया में परचम लहराएंगे।

उन्होंने कहा कि खेल लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। यह एकता और अंतरराष्ट्रीय शांति में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि बच्चों के लिए खेल भी उतने ही अहम हैं जितनी पढ़ाई। शिक्षा के बाद खेलों का स्थान आता है और बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाना चाहिए।

बालीवुड बादशाह ने कहा कि कुछ साल पहले तक कोई सोचता भी नहीं था कि दिल्ली में हाफ मैराथन होगी लेकिन आज यह इस शहर का हिस्सा बन गयी है। मैंने यहां बच्चों से लेकर बुजुर्ग में गजब का जोश देखा। मैं लोगों का जोश देखकर वास्तव में गदगद हो गया।

शाहरुख ने कहा कि जब वह स्कूल में थे तो खेलों के काफी करीब थे। मैंने कभी मैराथन में भाग नहीं लिया लेकिन 100 और 200 मीटर की दौड़ जरूर दौड़ा हूं। कालेज में मैंने हाकी खेली लेकिन चोट लगने के कारण मुझे अपना यह प्रिय खेल छोड़ना पड़ा था।

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