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मिर्जापुर में सावित्रीबाई फूले योजना में घोटाला

गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए शुरू की गयी सावित्री बाई फूले शिक्षा मदद योजना का लाभ ग्राम प्रधान के परिचितों की पुत्रियां ले उड़ीं। जिले के दो ब्लाकों में अब तक 70 हजार 800 रुपये का घोटाला पकड़ाया है। डीआईओएस उदय राज ने दो मामलों की जांच करने के लिए बीडीओ को पत्र लिखा है, जबकि शेष मामलों की जांच कराने की बात कही है।


सूचना के अधिकार के तहत एक समाजसेवी द्वारा एडीओ पंचायत से सूचनाएं मांगे जाने पर यह मामले पकड़ में आये। सूबे की गरीब बालिकाओं को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए शुरू की गयी सावित्रीबाई फूले बालिका शिक्षा मदद योजना ग्राम प्रधानों के लिए परिचितों की पुत्रियों को रेवड़ी बांटने की योजना साबित हो रही है। इस योजना के तहत हाई स्कूल उत्तीर्ण गरीब बालिकाओं को पहले वर्ष इंटर में दाखिला लेने के बाद 15 हजार रुपये नगद और एक साइकिल मुहैया करायी जाती है।

पहाड़ी ब्लाक के बेदौली और राजगढ़ ब्लाक के सोनवर्षा खुर्द गांव के ग्राम प्रधानों ने इस योजना का लाभ गरीब बालिकाओं को मुहैया कराने के बजाय अपने परिचितों की पुत्रियों को ही दिला दिया। पहाड़ी ब्लाक के बेदौली गांव की सुनीता पुत्री आशाराम मोदनवाल का बीपीएल कार्ड भी फर्जी पाया गया है। ग्राम पंचायत की बीपीएल सूची में 46250 नंबर पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज है। इसी तरह नीलम मोदवाल पुत्री सभाजीत मोदनवाल का 5350 नम्बर का बीपीएल कार्ड भी फर्जी है। फिर भी दोनों बालिकाएं सावित्रीबाई फूले योजना के तहत 15 हजार रुपये का चेक और एक साइकिल हासिल करने में कामयाब रहीं। दोनों बालिकाएं ग्राम प्रधान श्रीमती जयदेवी की पट्टीदारी की हैं। वहीं राजगढ़ ब्लाक के सोनवर्षा के ग्राम प्रधान कुंवर सिंह अपनी पुत्री बबिता सिंह को पंद्रह हजार रुपये और साइकिल दिलाने में कामयाब रहे। इस योजना के तहत जिले में अब तक 70 हजार 800 रुपये का घोटाला पकड़ा गया है। डीआईओएस ने पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। कहा कि, यदि बीडीओ की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पायी तो धन की वसूली के लिए पत्र लिखा जाएगा।

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  • Web Title:मिर्जापुर में सावित्रीबाई फूले योजना में घोटाला