DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आर्थिक संकट की मूल वजहों से सबक सीखना जरूरी

आर्थिक संकट की मूल वजहों से सबक सीखना जरूरी

औद्योगिक रिकवरी की शुरुआत के बाद से देश भर में आर्थिक संकट समाप्त होने को लेकर भले ही चर्चा तेज हो रही हो लेकिन कॉरपोरेट जगत अभी भी बहुत उत्साहित नहीं है। उसके मुताबिक इस संकट की मूल वजहें ज्यों कि त्यों बरकरार हैं और अगर हमनें इन्हें जड़ से दूर करने का प्रयास न किया तो भविष्य में फिर से हमें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यहां हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट के दौरान कई अहम कॉरपोरेट प्रतिनिधिओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस संकट से सबक सीखते हुए ही हमें भारी रणनीतियां निर्धारित करने की जरूरत है। 

बजाज ऑटो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज के मुताबिक आर्थिक संकट ऊपरी तौर पर भले ही दूर हो गया लगता हो लेकिन वास्तव में आंतरिक वजहें ज्यों की त्यों बरकरार हैं। जिन वजहों से यह संकट पैदा हुआ, वे अभी भी मौजूद हैं। अगर हम इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते हैं और बीमारी को जड़ से दूर करने की दिशा में कदम नहीं उठाते हैं तो यह किसी न किसी रूप में फिर से हमें दबोच लेगी।

इस मामले में अपोलो अस्पताल के प्रबंध निदेशक प्रीथा रेड्डी ने कहा कि आम धारणा यह बन गई है कि गंभीर संकट समाप्त हो गया है लेकिन मुझे ऐसा कतई नहीं लगता है। हालांकि कुछ परियोजनाएं जरूर खटाई में पड़गईं लेकिन इस प्रक्रिया से हमें खासा सबक भी सीखने को मिला। अब हमें भविष्य में इस बात का ध्यान रखना होगा कि परियोजनाओं की लागत हमेशा कम रखी जाए और आपसी प्रतिस्पर्धा की जरूरत से ज्यादा चिंता किए गए बगैर गठबंधनों पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

रेलीगैरी इंटरप्राइजेज एंड फोर्टीस हेल्थकेयर के चेयरमैन मालविदंर सिंह ने कहा कि मंदी के दौर में हमेशा अवसर मौजूद रहते हैं। पिछले अक्टूबर माह में ही हमने लोटस असेट मैनेजमेंट कंपनी का अधिग्रहण किया। इससे कॉरपोरेट समूह से खासी प्रगति की। हमने वोकहार्ट हास्पिटल्स का भी अधिग्रहण किया जिसने बाजार में हमारे कारोबार का राष्ट्रीय स्तर पर विविधीकरण किया। इन अधिग्रहणों के जरिए हस सफलता ने नए पायदानों में बढ़े और राष्ट्रीय स्तर पर हमनें लीडरशिप पोजीशन ली।

दरअसल, बैंक कर्ज और निजी इक्विटी के बीच हमें संतुलन स्थापित करना जरूरी है, अन्यथा बेहतर समय में भारी कर्ज लेने के बाद उत्पादन में कटौती करनी पड़ती हैं और नतीजतन हम संकट की गिरफ्त में आ जाते हैं।
इस मामले में इंडिया इनफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (आईएफसीएल) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अतुल कुमार राय के मुताबिक दरअसल कोई भी संकट अपने साथ फिर से अच्छे दिन वापस लाता है क्योंकि हम उस दौर में संकट से बाहर निकलने के बहुत से नए तरीके ईजाद करते हैं। बैकिंग उद्योग को बहुत सी सहूलियतों ने उच्च लागत का आदी बना दिया और बाद में मांग में कमी आने पर वह संकट में आ गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आर्थिक संकट की मूल वजहों से सबक सीखना जरूरी