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अपराधियों ने एक तीर से साधा तीन निशाना

अपराधियों पंचवटी प्लाजा में ही हत्या की घटना को अंजाम देना चाहते थे। साथ ही यह भी स्पष्ट है कि घटना को पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया है। हालांकि इसके पीछे कौन है, इसका खुलासा नहीं हो सका है। राजू धानुका कांके रोड के रहने वाले थे। हर दिन मॉर्निंग वाक के लिए मोरहाबादी मैदानोाते थे। हत्याकांड को वहां भी अंजाम दिया जा सकता था, लेकिन अपराधियों ने पंचवटी प्लाजा को चुना। इसके पीछे जानकारों का कहना है कि राजू धानुका दबंग व्यवसायी थे। उनकी हत्या दिनदहाड़े की गयी, ताकि व्यवसाय जगत में दहशत फैल सके, दूसरा जिसने भी अपराधियों को बुलाया या हत्याकांड को अंजाम दिलाया, उसका भी उद्देश्य पूरा हो। तीसरा यह कि अब पुलिस-प्रशासन के भरोसे रांची में नहीं रहा जा सकता। अपराधियों को यह भी पता था कि व्यवसायी धानुका सुबह जब दफ्तर आते थे तो लिफ्ट से पांचवें तल्ले तक जाते थे, लेकिन भोजन करने जाते वक्त वे अमूमन सीढ़ी से ही उतरते थे। धानुका की सभी गतिविधियों की पक्की जानकारी अपराधियों को थी। राजू धानुका के भाई विजय धानुका ने रिम्स में साफ कहा कि अब वे सपरिवार रांची छोड़ देंगे। यहां व्यवसाय करना आसान नहीं है। घटना पर रांची पुलिस के अधिकारी भी फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। इधर इस घटना की जानकारी खुद डीाीपी वीडी राम ने ली। उन्होंने इस मामले में वरीय अधिकारियों से बातचीत की। डीाीपी ने अपराधियों का पता लगाने और अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश एसएसपी को दिया। पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी है। अज्ञात के विरुद्ध एफआइआरड्ढr हत्या के बाद कोतवाली थाना में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कांड का अनुसंधान कोतवाली के इंस्पेक्टर सह थानेदार अनिल शंकर करंगे।ड्ढr मोबाइल प्रिंट लेगी पुलिसड्ढr पुलिस व्यवसायी राजू धानुका के मोबाइल प्रिंट का आउट निकालेगी। पुलिस पता लगायेगी कि पिछले 15 दिन के भीतर धानुका की किन-किन लोगों से बातचीत हुई थी। नगर डीएसपी महेश राम पासवान के नेतृत्व में टीम गठित कर ली गयी है। टीम में कोतवाली के थानेदार अनिल शंकर, सदर थानेदार संजय कुमार, डेलीमार्केट थानेदार मिथिलेश और अन्य कई थानेदारों को रखा गया है।ड्ढr अपराधियों से होगी पूछताछड्ढr प्रसिद्ध व्यवसायी राजू धानुका की हत्या के बाद पुलिस की नजर जेल में बंद अपराधियों पर गयी है। इस संबंध में जेल प्रशासन से यह जानकारी मांगी जा रही है कि हत्या के कितने अभियुक्तों की हाल में जमानत हुई है। शहर के सभी थानेदारों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के अपराधियों से जानकारी लें कि घटना के वक्त वे कहां थे।ड्ढr भाई का था बुरा हालड्ढr रिम्स के निदेशक के कमर में बैठे भाई विजय धानुका कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं थे। वह इतना नर्वस थे कि उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। दो-तीन लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे। कभी चुप हो जाते तो कभी जोर से रोने लगते थे। रोते-रोते कह रहे थे कि राजू ने किसी का क्या बिगाड़ा था। बड़ा ही हंसमुख था। किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। रिम्स में विजय धानुका के अलावा परिवार के जितने भी सदस्य पहुंचे थे, सभी बेहाल थे।ड्ढr बड़े अफसरों से भी धानुका के थे अच्छे रिश्तेड्ढr राज्य के कई आइएएस और आइपीएस अधिकारियों से राजू धानुका के मधुर संबंध थे। नेताओं से भी उनकी अच्छी दोस्ती थी। कई आइपीएस अधिकारियों का श्री धानुका के घर आना-जाना भी था। आइएएस और आइपीएस भी काफी दुखी हैं।ड्ढr कम समय में ही मुकाम हासिल किया थाड्ढr राजकुमार धानुका अपने बल-बूते पर ही व्यवसाय जगत में कम समय में ही मुकाम हासिंल किया था। पिछले 10 साल में उन्होंने रांची के व्यवसायियों में अपनी अलग पहाचान बनायी थी। हसंमुख एवं मृदुभाषी होने के कारण उन्हें सभी पसंद करते थे।ड्ढr रात साढ़े नौ बजे घर लाया गया धानुका का शवड्ढr साकेत नगर में राजकुमार धानुका का शव रात्रि साढ़े नौ बजे उनके आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों को सूचना नहीं दी गयी थी कि उनकी हत्या हो गयी है। सभी को यह बताया गया था कि उनका इलाज रिम्स में चल रहा है। जब शव आवास पर पहुंचा तो परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था। पूरा व्यवसायी समाज उनके आवास पर उमड़ पड़ा। उनके आवास पर पहुंचने वालों में पूर्व मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, रामटहल चौधरी, गामा सिंह, प्रम कटारूका, सतीश सिन्हा और अन्य कई लोग शामिल थे। साकेत नगर कॉलोनी में सन्नाटा पसर गया था। पड़ोसियों को जसे ही घटना की जानकारी लगी, सभी धानुका हाउस की ओर दौड़े। केजरीवाल और नरश सिंह से पूछताछड्ढr रांची। दो अन्य बड़े व्यवसायी और राजू धानुका के कारोबारी पार्टनर जीके केजरीवाल और नरश सिंह से रांची पुलिस की टीम ने लंबी पूछताछ की। दोनों व्यवसायियों से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस का दावा है कि गुत्थी जल्द सुलझा ली जायेगी। दुश्मनी किससे थी, पता लगा रही पुलिसड्ढr पुलिस सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनकी दुश्मनी किससे थी। राजू की हत्या कौन और किस उद्देश्य से की गयी। एसएसपी प्रवीण सिंह इसमें खुद जुटे हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मनी कहां से पैदा हुई, पहले यह पता लगाया जायेगा। एसएसपी के मुताबिक धानुका का कोयले, फाइनांस, जमीन खरीद-फरोख्त का कारोबार और बिल्डिंग बनाने का धंधा था। हत्या का तार इन्हीं किसी एक से जुड़ा है। एसएसपी ने कहा कि उनके सभी बिजनेस पार्टनर, भाई, मित्र और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। कहीं से भी रंगदारी मांगने की पुष्टि नहीं हुई है, लिहाजा यह स्पष्ट है कि हत्या दूसर कारणों से हुई है। मिलीं नाइन एमएम की चार गोलियांड्ढr घटनास्थल पर पुलिस टीम को नाइन एमएम पिस्टल की चार गोलियां मिली हैं। इससे पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि अपराधी नाइन एमएम पिस्टल से लैस थे और उनका उद्देश्य राजू धानुका को धमकाना नहीं, बल्कि उनकी हत्या करना ही था।

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