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6 अप्रैल, 2020|12:45|IST

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ब्रिटिश विश्वविद्यालयों की पहली पसंद है भारत

ब्रिटिश विश्वविद्यालयों की पहली पसंद है भारत

ब्रिटेन के उच्च शिक्षा संस्थान अंतरराष्ट्रीयकरण के नए युग के अंग के तौर पर भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ व्यापक पैमाने पर सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह सहयोग न केवल पाठ्यक्रमों के संयुक्त शिक्षण के क्षेत्र में हो रहा है, बल्कि अनुसंधान, शिक्षण सामग्री के विकास और विद्यार्थी तथा शिक्षकों के आदान-प्रदान में भी किया जा रहा है।
   
विधि के क्षेत्र में अग्रणी एवरशेड्स द्वारा किए गए अनुसंधान के अनुसार भारत और चीन ब्रिटेन के संभावित सहयोगियों की सूची में शीर्ष पर हैं। ब्रिटिश विश्वविद्यालय तेजी से बढ़ रहे वैश्विक उच्च शिक्षा बाजार में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

भारत सबसे पसंदीदा देशों की सूची में शीर्ष पर है जहां 35 प्रतिशत विश्वविद्यालय देश को अपने लक्ष्य के तौर पर देखते हैं। इसके बाद चीन (29 प्रतिशत) और अफ्रीका (12 प्रतिशत) का स्थान है।

कंपनी द्वारा किए गए अनुसंधान से यह बात सामने आई है कि विदेशी सहयोग की खोज कर रहे उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसमें भारत और चीन शीर्ष वैश्विक लक्ष्य के तौर पर सामने आए हैं।

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