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नौकरी देने वाले एक और गिरोह का भंडाफोड़

नौकरी देने के नाम पर बेरोजगार लोगों को ठगने वाले जालसाजों के एक और गिरोह का भंडाफोड़ गांधी मैदान थाने की पुलिस टीम ने किया है। फर्जी संस्थान ‘आईसीएस’ की आड़ में ठगी का यह खेल चल रहा था।ड्ढr ड्ढr एक्जीबिशन रोड स्थित अंबर टावर के चौथे तल्ले पर आईसीएस के दफ्तर में की गई छापेमारी में पुलिस ने एक बोरा आवेदन फॉर्म व अन्य कागजात, तीन मोबाइल आदि बरामद किये। साथ ही वहां मौजूद तीन जालसाजों रंजीत कुमार (शेखपुरा), नरश कुमार (सरिस्ताबाद) और धनंजय सिंह (रूपसपुर) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों आरोपितों को रविवार को जेल भेज दिया गया।ड्ढr ड्ढr इन जालसाजों का सरगना धरमजीत सिंह अब भी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस ने दबिश बढ़ा दी है। दरअसल उत्तर प्रदेश के आसपुर देउसरा थानांतर्गत प्रतापगढ़ निवासी संतोष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आईसीएस संस्थान की गतिविधियों की छानबीन की तो दाल में काला नजर आया। इसके बाद पुलिस ने जब वहां तलाशी ली तो शक यकीन में बदल गया। प्रशिक्षु डीएसपी व गांधी मैदान थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष अजय नारायण ने बताया कि विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थान व विभाग के नाम पर आवेदन छपवा कर विभिन्न राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि में उसे बेचा जाता है। बाद में इंटरव्यू से लेकर नौकरी की प्रक्रिया का नाटक करते हुए एक आवेदक से 10-12 हजार रुपये तक वसूल लिये जाते हैं। डीएसपी के अनुसार तीन-चार वर्षो में इस संस्थान द्वारा सैकड़ों लोगों को ठगने की आशंका पर गहराई से छानबीन की जा रही है।ं

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