DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अपराध बन गया है उद्योग

देश की 16 प्रतिशत आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश अपराध के मामले अव्वल है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक देश के 24 प्रतिशत हिंसक अपराध उत्तर प्रदेश के ही हिस्से में आ रहा है। ऐसे में प्रति व्यक्ति के आधार पर देखें तो ज्यादा बदनाम राज्य बिहार भी इससे पीछे छूट चुका है।

इस सबका असर ये है कि जब 1990 के बाद देश में तरक्की की रफ्तार सबसे तेजी है, जब ये कहा जा रहा है कि पैसा बरस रहा है कोई भी बटोर ले, उत्तर प्रदेश में व्यापार करना ज्यादातर मामलों में घाटे का सौदा साबित हो रहा है। देश जब आठ प्रतिशत से ज्यादा की रफ्तार से तरक्की कर रहा है तो, उत्तर प्रदेश सिर्फ 5 प्रतिशत की ही रफ्तार मुश्किल से पकड़ पा रहा है। व्यापार करने के लिए सरकारी तंत्र के साथ ही माफियाओं-बदमाशों से भी “नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट” लेना पड़ता है। यहां कानून-व्यवस्था की लचर हालत भी लोगों को सताने लगी है। हत्या, डकैती, चोरी, छेड़छाड़, बलात्कार और मारपीट जैसी घटनाएं हर राज्य में होती हैं लेकिन उप्र में स्थिति चिंतनीय है। दिन-दहाड़े हत्या तथा डकैती वहां रोजमर्रे की बातें हो गई हैं। स्थानीय अखबार अपराधों की खबरों से ही पटे रहते हैं। प्रदेश में दलित अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महिलाओं की स्थिति भी नहीं सुधर पाई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक वर्ष 2008 में महिला अत्याचारों के मामले में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर था। इस दौरान राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के 2,381 मामले दर्ज किए गए। अपराध रोकने के दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन इसको रोकने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अपराध बन गया है उद्योग