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उत्तर प्रदेश एक आईना

देश को सर्वाधिक आठ प्रधानमंत्री देने वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा (जनसंख्या के आधार पर) राज्य है। लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी है और इलाहाबाद न्यायिक राजधानी है। प्रदेश की विशालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ओर इसकी सीमाएं उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान जैसे उत्तरी व पश्चिमी राज्यों से लगती हैं तो दूसरी ओर मध्य व पूर्वी भारत के राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार से लगती हैं। उत्तर प्रदेश की सीमाएं पड़ोसी देश नेपाल से भी लगती हैं उत्तर प्रदेश का अधिकतर हिस्सा सघन आबादी वाले गंगा और यमुना के मैदान है। करीब 16 करोड़ की जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश केवल भारत का अधिकतम जनसंख्या वाला प्रदेश ही नहीं बल्कि विश्व की सर्वाधिक आबादी वाली उप राष्ट्रीय इकाई है। विश्व में केवल पांच राष्ट्र चीन, स्वयं भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनिशिया और ब्राज़ील की जनसंख्या उत्तर प्रदेश की जनसंख्या से अधिक है। देश को सर्वाधिक लोकसभा और राज्यसभा सदस्य भी उत्तर प्रदेश ही देता है।

इतिहास

उत्तर प्रदेश का भारतीय एवं हिन्दू धर्म के इतिहास मे अहम योगदान रहा है। उत्तर प्रदेश आधुनिक भारत के इतिहास और राजनीति का केन्द्र बिन्दु रहा है और यहां के निवासियों ने भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के आन्दोलन में प्रमुख भूमिका निभायी। इलाहाबाद शहर प्रख्यात राष्ट्रवादी नेताओं जैसे मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टन्डन और लालबहादुर शास्त्री का घर था। यह शहर देश के आठ प्रधान मन्त्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लालबहादुर शास्त्री, चौ. चरण सिंह, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी का चुनाव क्षेत्र भी रहा है। उत्तर प्रदेश एक आकर्षक पर्यटन स्‍थल है जहां दुनिया भर से ढे़रो पर्यटक घूमने आते हैं, क्‍योंकि इसे भारत का सार समझा जाता है। उत्तर प्रदेश में अनेक विचारक, दर्शन शास्‍त्री, कलाकार, नेता, नृत्‍य कला के प्रवीण, कवि, बौद्धिक जन और राजनेता हुए हैं।

आजादी के आंदोलन में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका- सन 1857 में अंग्रजी फौज के भारतीय सिपाहियों ने विद्रोह कर दिया। यह विद्रोह एक साल तक चला और अधिकतर उत्तर भारत में फैल गया। इसे भारत का प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम कहा गया। यह विद्रोह मेरठ से शुरू हुआ। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, अवध की बेगम हजरत महल, बख्त खान, नाना साहेब, मौल्वी अहमदुल्ला शाह, राजा बेनी माधव सिंह, अजीमुल्लाह खान और अनेक देशभक्तों ने भाग लिया।

प्राचीन इतिहास-

उत्तर प्रदेश का इतिहास लगभग 4000 वर्ष पुराना है, जब आर्यों ने अपना पहला कदम इस जगह पर रखा। इस समय वैदिक सभ्यता का प्रारम्भ हुआ। रामायण में वर्णित तथा हिन्दुओं के एक मुख्य भगवान "भगवान राम" का प्राचीन राज्य कौशल इसी क्षेत्र में था, अयोध्या इस राज्य की राजधानी थी। हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु के आठवे अवतार भगवान कृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुआ था। संसार के प्राचीनतम शहरों में एक माना जाने वाला वाराणसी शहर भी यहीं पर स्थित है। वाराणसी के पास स्थित सारनाथ का चौखन्डी स्तूप भगवान बुद्ध के प्रथम प्रवचन की याद दिलाता है।


कला, साहित्य, नृत्य और संगीत में यूपी का योगदान-

साहित्य-
साहित्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का स्थान सर्वोपरि है। साहित्य और भारतीय सेना दो ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें उत्तर प्रदेश के निवासी गर्व करते हैं। आदि कवी वाल्मीकि, तुलसीदास, कबीरदास, सूरदास से लेकर भारतेंदु हरिश्चंद्र, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी, आचार्य राम चन्द्र शुक्ल, प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, सुर्यकांत त्रिपाठी निराला, सुमित्रानंदन पन्त, हरिवंश राय बच्चन, महादेवी वर्मा, मासूम राजा, सच्चीदानंद हीरानंद वात्सायन अज्ञये जैसे इतने महान कवि और लेखक यहां पैदा हुए हैं। उर्दू साहित्य में भी बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है उत्तर प्रदेश का, फिराक, जोश मलीहाबादी, चकबस्त जैसे अनगिनत शायर उत्तर प्रदेश ही नहीं वरन देश की शान रहे हैं।

संगीत-
यहां का पारंपरिक संगीत देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भातखंडे जैसा महत्वपूर्ण संगीत संस्थान इस प्रदेश में स्थिति है। ठुमरी और आल्हा जैसे गायन इस प्रदेश की विशेषता है।

नृत्य-
पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य में भी इस प्रदेश का अहम स्थान है। कत्थक उत्तर प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है जो कि हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ किया जाता है। कत्थक नृत्य के प्रमुख कलाकार पन्डित बिरजू महाराज यूपी के ही रहने वाले हैं।


उत्तर प्रदेश के प्रमुख नेता-

मायावतीः

मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 का दिल्ली में एक सरकारी कर्मचारी प्रभु दयाल एवं रामरती के यहां हुआ। वह अविवाहित हैं और अपने समर्थकों में 'बहनजी' के नाम से जानी जाती हैं। दिल्ली के कालिन्दी कॉलेज से बी०ए०, बी०एड० और मेरठ विश्वविद्यालय से एलएलबी की शिक्षा प्राप्त करने वाली मायावती ने अपने कॅरियर की शुरुआत एक टीचर के रूप में की थीं। बसपा के संस्थापक कांशीराम के साथ जुड़कर बहुजन मूवमेंट से यूपी की मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाली मायावती पहली दलित महिला हैं जो भारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनीं। मायावती पहले भी तीन बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। पहली बार 3 जून, 1995 को यूपी की मुख्यमंत्री बनी मायावती 13 मई, 2007 से अबतक यूपी की मुख्यमंत्री हैं।


मुलायम सिंह यादवः

22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गांव में सुघर सिंह और मूर्ति देवी के घर में पैदा हुए मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया और मैनपुरी के सांसद हैं। तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में ही समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के साथ किसानों के मुद्दों पर आंदोलन में भाग लिया और जेल गए। आगरा विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री प्राप्त करने वाले मुलायम सिंह समाजवादियों के बीच 'नेताजी' के नाम से जाने जाते हैं। 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बनने वाले मुलायम सिंह यादव ने 4 नवम्बर 1992 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की स्थापना कर देश के समाजवादी आन्दोलन को पुनर्जीवित किया। 1996 से 1998 तक एच0डी0 देवेगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल की सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके मुलायम सिंह भारत के अग्रणी समाजवादी नेता हैं।


राजनाथ सिंह:

राजनाथ सिंह वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ही गाजियाबाद से लोकसभा के सांसद हैं। 10 जुलाई 1951 को वाराणसी के चकिया तहसील के भाभोरा गांव में पैदा हुए राजनाथ सिंह ने छात्र जीवन से ही आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़कर राजनीति की शुरुआत की। बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भाजपा के अग्रणी नेता बनने वाले राजनाथ सिंह शिक्षक रहे है। 1991 में यूपी की कल्याण सिंह की सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके राजनाथ सिंह साल 2000 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने। 2002 में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बने और 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री बने। 2005 में उन्होंने पार्टी का सर्वोच्च पद संभाला।

श्रीप्रकाश जायसवाल केंद्रीय कोयला मंत्रीः

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की खराब हालत रहने के समय भी लोकसभा चुनाव जीतने वाले पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर लोकसभा से पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछली सरकार में गृह राज्य मंत्री थे। कानपुर से सांसद जायसवाल को इस बार कोयला मंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। 25 सितंबर 1944 को उनका जन्म हुआ था।

सलमान खुर्शीदः

पेशे से वकील और लेखक सलमान खुर्शीद के पिता खुर्शीद आलम खां भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार थे। खुर्शीद देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन के पौत्र हैं। दिल्ली के सेंट स्टीफंस और आक्सफोर्ड के सेंट एडमंड हाल से शिक्षित सलमान खुर्शीद इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष कार्य अधिकारी थे। बाद में वह विदेश राज्य मंत्री के पद पर भी रहे। खुर्शीद को दो बार उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सलमान खुर्शीद 15वीं लोकसभा में फर्रूखाबाद सीट से निर्वाचित हुए हैं और मनमोहन सिंह की सरकार में कंपनी मामलों के के स्वतंत्र प्रभार मंत्री हैं।

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