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कई अवैध संतानें भी छोड़ गए थे पिकासो

कई अवैध संतानें भी छोड़ गए थे पिकासो

विश्वविख्यात महान चित्रकार पाबलो पिकासो अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले अपनी करीब दो सौ कलाकृतियों की एक शानदान प्रदर्शनी आयोजित करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनकी यह योजना उनके जीते जी पूरी नहीं हो पाई।

अपने अद्भुत कला कौशल के जरिए इस महान चित्रकार ने फ्रांस की सीमाओं को पार करते हुए दुनिया के हर कोने में अपनी जगह बनाई और ऐसा कहा जाता है कि इनफ्लुएंजा से पीड़ित पिकासो आठ अप्रैल, 1973 को अंतिम सांस लेने से कुछ समय पहले तक भी चित्रकारी कर रहे थे।

आने वाली 25 अक्तूबर को पिकासो के चाहने वाले उनके जन्मदिन पर अमेरिका की कंसास सिटी के तोपेका में इस महान चित्रकार की तकनीक और शैली का इस्तेमाल करते हुए अपनी रचनाओं को उन्हें समर्पित करेंगे। तोपेका स्थित वाशबर्न यूनिवर्सिटी पिकासो की याद में मोलवेन आर्ट म्यूजियम में एक आर्ट वर्कशॉप का आयोजन करने जा रही है।

कला के प्रति उनके अद्भुत समर्पण की बदौलत ही वह दुनिया के लिए विशाल कला संग्रह छोड़कर गए लेकिन बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार बहुत कम लोगों को मालूम है कि वे अपने पीछे अपनी पत्नी जैकलिन और बेटे पाबलो के अलावा कई अवैध संतानें भी छोड़ गए।

पिकासो की मौत से एक साल पहले 1972 में पेरिस के लोवरे संग्रहालय ने पिकासो के 90वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में पिकासो सिंहावलोकन का आयोजन किया था। यह पहली बार था जब संग्रहालय ने किसी कलाकार के जिंदा रहते हुए उसके चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की हो।

उनकी मौत पर वास्तुशिल्पी हेनरी मूर ने कहा था कि राफेल के बाद कला जगत को पिकासो संभवत: सर्वाधिक प्रकृति प्रदत्त उपहार थे। उस समय फ्रांस के संस्कृति मंत्री मौरिस द्रोयू ने पिकासो को एक ऐसा महान चितेरा बताया था जिसने अपनी सदी को रंगों से सराबोर कर दिया।

पिकासो का जन्म 1881 में स्पेन में एक कला अध्यापक के घर हुआ था और मात्र 12 साल की उम्र में बार्सिलोना में उनके चित्रों की पहली प्रदर्शनी लगाई गई थी। ऐसा माना जाता है कि अपने पूरे 90 साल के जीवन में पिकासो ने करीब 20 हजार पेंटिंग्स, शिल्प तथा रेखाचित्र बनाए। लेकिन उनकी सर्वाधिक लोकप्रिय पेंटिंग गुएर्निका थी, जो स्पेनिश गृह युद्ध में छोटे से कस्बे बास्क को तहस-नहस करने के खिलाफ उनके आक्रोश का प्रतिबिंब थीं। इसे पेरिस वर्ल्ड फेयर में 1937 में प्रदर्शित किया गया था।

पिकासो जीवन पर्यन्त कम्युनिस्ट रहे और जनरल फ्रांको की सेनाओं द्वारा पराजित रिपब्लिकन सरकार का समर्थन किया। फ्रांको की जीत के बाद वह कभी अपने गृहनगर नहीं लौटे।
   
ऐसा माना जाता है कि पिकासो अपने पीछे करीब पांच करोड़ डॉलर की संपत्ति छोड़ गए थे, जिसके वैध वारिस उनकी पत्नी जैकलिन और बेटा पाबलो थे। पाबलो उनकी पहली रूसी पत्नी से पैदा हुई संतान थी। कहा जाता है कि पिकासो की कम से कम तीन अवैध संतानें भी थीं और इसी के चलते उनकी मौत के बाद उनकी विरासत को लेकर विवाद पैदा होने की आशंकाएं जताई गई थीं।

आठ अप्रैल, 1973 को पिकासो की फ्रैंच रिवेरा में कान स्थित अपने घर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। पिकासो स्पेन में पैदा हुए लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकतर समय फ्रांस में गुजारा था। निजी जिंदगी में पिकासो चाहे जैसे भी रहे हों, लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं हो सकती कि वे अपनी सदी के एक ऐसे महान चित्रकार थे, जिनका न केवल नाम सदियों तक जिंदा रहेगा बल्कि हर पीढ़ी उनकी कला की रौशनी में नहाना चाहेगी।

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