DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब छठ मइया भी हुईं ‘ऑन लाइन’

आस्था व श्रद्धा के महापर्व छठ की मान्यता बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अब पूरे देश में महाकुंभ से कम नहीं है। विश्वास है कि छठ मइया का प्रसाद ग्रहण करने मात्र से सारे दुख दूर हो जाते हैं। लेकिन यदि आप घर से दूर हों या आपके घर छठ की पूजा नहीं होती तो फिर प्रसाद कैसे मिलेगा? चिंता की कोई बात नहीं, छठ का प्रसाद अब ऑन लाइन उपलब्ध है। बस ‘क्लिक’ कीजिये और घर बैठे प्रसाद पाइये। भोजपुरी भाषा व संस्कृति को समर्पित वेबसाइट ‘भोजपुरिया डाट कॉम’ ने यह व्यवस्था की है।

छठ के प्रसाद के लिए ऑन लाइन बुकिंग 23 अक्टूबर की सुबह सात बजे से की जा रही है, जो 25 तक जारी रहेगी। घर बैठे छठ का प्रसाद पाने के लिए आपको बहुत मशक्कत भी नहीं करनी है। भोजपुरिया डाट कॉम खोलने पर एक ऑप्शन आयेगा ‘छठ के प्रसाद पाये खातिर एहिजा क्लिक करीं’। वहां ‘क्लिक’ करते ही एक फार्म सामने आयेगा। इस पर आपको अपना नाम, पता, शहर/जिला, राज्य, देश, पिन, फोन नम्बर व ई-मेल भरकर ‘सबमिट’ पर क्लिक कर देना है।

बस, दो-तीन दिनों में ही छठ का प्रसाद कूरियर के जरिये आपके हाथों में होगा। वह भी बिना किसी शुल्क के। इस संबंध में ‘भोजपुरिया डाट कॉम’ के निदेशक सुधीर कुमार ने बताया कि, घर-घर छठ का प्रसाद पहुंचाने का यह अभियान वर्ष 2005 से ही शुरू किया गया है। इस साल इसे और व्यापक बनाया गया है। पहले साल 170 श्रद्धालुओं ने ही प्रसाद की मांग की थी, वहीं पिछले साल लगभग 500 लोगों को प्रसाद भेजा गया था।

उन्होंने कहा कि, आश्चर्य की बात है कि अनेक मुस्लिम श्रद्धालु भी प्रसाद मंगाते हैं। मुम्बई, दिल्ली और कोलकाता से प्रसाद के सर्वाधिक मांग की जाती है। प्रसाद में चार ठेकुआ, एक सेब व एक मिठाई होती है। श्री कुमार ने बताया कि, इस अकेली व अनोखी मुहिम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भोजपुरी भाषा व संस्कृति से जोड़े रखना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब छठ मइया भी हुईं ‘ऑन लाइन’