DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सिंगल प्रीमियम यूलिप

सिंगल प्रीमियम यूलिप निवेश का एक विकल्प है, लेकिन टैक्स के लिहाज से सिंगल प्रीमियम यूलिप में निवेश करने से पहले कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए। जैसा कि नाम से स्पष्ट है पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति को एक ही प्रीमियम देना होगा। यह पॉलिसी आपको इंश्योरेंस कवर भी प्रदान करती है। इसे सम-एश्योर्ड कहा जाता है। सिंगल प्रीमियम यूलिप का न्यूनतम सम एश्योर्ड, सिंगल प्रीमियम का 1.10 गुना होता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 60,000 प्रीमियम अदा करता है और न्यूनतम सम-एश्योर्ड 66,000 का लेता है। अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को इंश्योरेंस कंपनी 66,000 रुपए अदा करेगी। भारत में ज्यादातर लोगों की धारणा होती है कि इंश्योरेंस के तौर पर अदा किया जाने वाले प्रीमियम और मैच्योरिटी अमाउंट में टैक्स की छूट मिलती है, लेकिन सिंगल प्रीमियम के मामले में यह कुछ बातें अलग हैं।
सिंगल प्रीमियम यूलिप में कम प्रीमियम अदा करने पर न्यूनतम सम-एश्योर्ड ज्यादा मिलता है। पिछले उदाहरण में 60,000 अदा करने पर, 66,000 मिलता है, लेकिन यह प्रीमियम पूरी तरह से करमुक्त नहीं होता। सम-एश्योर्ड में 20 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स छूट नहीं मिलती। मतलब कि 46,800 रुपए पर आपको टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। वहीं मैच्योरिटी पर आपका पैसा पूरी तरह से टैक्स से छूट नहीं पा सकता। इंश्योरेंस कंपनियां अपने ब्रॉशर में या पॉलिसी बेचते समय इस बात का खुलासा नहीं करतीं। गौरतलब है कि इस पॉलिसी में प्रीमियम सिर्फ एक बार ही अदा करना होता है। जहां तक टैक्स बचाने की बात है, तो ध्यान रखें कि निवेश आपको प्रतिवर्ष करना होगा।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सिंगल प्रीमियम यूलिप