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कोलकाता पुलिस एफआईआर वापस करने कानपुर पहुँची

कोलकाता में सपा महासचिव अमर सिंह ने मुख्यमंत्री मायावती व कुछ मंत्रियों व अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर कोलकाता पुलिस ने श्री सिंह के खिलाफ लिखाए गए केस को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। कोलकाता पुलिस के दो हरकारे मय दस्तावेजों के कानपुर पहुँच गए थे पर शुक्रवार को देर शाम तक कानपुर पुलिस ने उनसे कोई दस्तावेज लिखापढ़ी में प्राप्त नहीं किया था। इस मामले में उच्चधिकारियों ने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार किया है। बीती 15 अक्टूबर की रात को शिवकांत त्रिपाठी नाम के एक शख्स ने कानपुर में अमर सिंह के खिलाफ पाँच सौ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।

इसमें आरोप था कि उन्होंने यूपी में सपा सरकार के शासनकाल में यूपी विकास परिषद के अध्यक्ष के तौर पर बेजा फायदे उठाए। इस मामले में सियासी तूफान खड़ा हो गया। खुद एफआईआर लिखाने वाले त्रिपाठी पर ही कई तरह के आरोप हैं। शासन ने 17 अक्टूबर को कानपुर के सीओ स्तर के एक अधिकारी के जरिए इस एफआईआर को मय दस्तावेजों के कोलकाता के पुलिस आयुक्त को भेज दिया था। 19 अक्टूबर यह एफआईआर कोलकाता पुलिस को रिसीव करा दी गई थी।

दो दिन तक विचार-विमर्श करने के बाद कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जाँच करने से इन्कार कर दिया। वहाँ के पुलिस कमिश्नर जीएम चक्रवर्ती के मुताबिक कानपुर पुलिस सीधे किसी एफआईआर को दूसरे राज्य में नहीं भेज सकती। उसे यह प्रक्रिया कोर्ट के जरिए करनी चाहिए थी। उन्होंने कोलकाता पुलिस के दो लोगों को मय दस्तावेज और एफआईआर के कानपुर भेज दिया।

कोलकाता पुलिस से जुड़े दोनो हरकारे शुक्रवार को कानपुर पहुँचे पर शाम तक वह दस्तावेज व एफआईआर को रिसीव नहीं करा सके थे। आधिकारिक तौर पर कानपुर में नए डीआईजी की तैनाती के कारण यह कार्यवाही नहीं हो पाई पर पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिना उच्च स्तरीय निर्देश मिले कोई भी पुलिस अधिकारी कोलकाता पुलिस की ओर से भेजे गए दस्तावेजों को स्वीकार नहीं कर रहा था।

इस बारे में जब राज्य के एडीजी कानून व्यवस्था पश्चिम एके जैन से बात की गई तो उन्होंने कोलकाता पुलिस के कदम के बारे में कोई जानकारी होने से इन्कार किया। अलबत्ता उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना कोलकाता में ही होनी चाहिए क्योंकि मामला वहीं का है। कानपुर के आईजी ने भी इस बारे में कुछ कहने से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि इस बारे में डीआईजी ही बता सकते हैं। देर शाम को नए डीआईजी के चार्ज लेने की प्रक्रिया चल रही थी।

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