DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शादी से पहले संभालने पड़े बच्चे

शादी से पहले संभालने पड़े बच्चे

एनडीटीवी की ‘रामायण’ में राम व सीता बन लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले देबीना और गुरमीत इन दिनों ‘पति पत्नी और वो’ में बच्चों को संभालते नजर आ रहे हैं। इस शो में वे शरारती बच्चों के साथ समय बिताते हुए अपनी शादी की प्लानिंग भी कर रहे हैं। शादी की योजना को लेकर गुरमीत और देबीना से दीपीका ने एक खास बातचीत की

देबीना

आप दोनों की पहली मुलाकात किस तरह हुई?

हम करीब साढ़े चार साल पहले एक शो में मिले थे। उसके बाद मैं मुंबई आ गई और किस्मत से हमें ‘रामायण’ जैसे सीरियल में एकसाथ काम करने का मौका मिला। धीरे-धीरे हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।

तो फिर ‘पति पत्नी और वो’ का हिस्सा बनने के लिए कैसे सोचा?

यह सब किस्मत की बात है, चूंकि हम एनडीटीवी के साथ काम कर रहे थे तो हमें इस शो का ऑफर आया, उसी समय ‘रामायण’ सीरियल भी समाप्त हुआ था, लेकिन सच कहूं तो हमने कोई प्लॉनिंग नहीं की थी। बस अपने आप रास्ता बनता चला गया।

इस शो की सबसे अच्छी बात क्या लगती है?

इस शो में कोई जीत-हार वाली बात नहीं है। एक-दूसरे को कहना- सुनना या पीठ पीछे बुराई करना नहीं है। यह बिल्कुल अलग तरह का शो है। हर किसी की इच्छा होती है कि वो अपनी आने वाली जिंदगी को पहले से ही जाने। इस शो से हमें एक तरह से यह मौका मिला है कि हम एक-दूसरे को जान सकें। बस यही कुछ बातें हैं, जो मुझे इस शो की अच्छी लगती हैं।

शो में किसी दूसरे के बच्चों को संभालना कैसा लगता है?

सच कहूं तो थोड़ा सा मुश्किल होता है, क्योंकि जब आप दूसरे के बच्चों को प्यार करते हैं तो उसे अपने बच्चों की तरह दिल से प्यार करना पड़ता है। लेकिन अगर वो बदमाशी करते हैं तो दिल से सोचना भी पड़ता है कि यह दूसरे का बच्चा है और हम उसे डांट नहीं सकते।
 
क्या आप बच्चों से इमोशनली जुड़ा महसूस करती हैं?

किसी से एकदम से तो इमोशनली आप जुड़ नहीं सकते। ऐसा ही कुछ हम लोगों के साथ भी हुआ। जब तक हम बच्चों से इमोशनली जुड़ते, तब तक वो चले जाते थे। लेकिन अब उन्हें हम बहुत मिस करते हैं।

इस दौरान बच्चों की कौन सी आदत आपको पसंद नहीं आयी?

हमें उनकी हर बात अच्छी लगती थी, लेकिन जब मैं घर का सारा काम करके उनके लिए खाना बनाती थी और वो कुछ अलग खाने की डिमांड करते थे तो मेरे लिए थोड़ा मुश्किल हो जाता था। लेकिन यह तो एक नॉर्मल बात है। बच्चे तो अक्सर ऐसा करते हैं।
 
जब गुरमीत ने आपको नेशनल टीवी पर शादी का प्रपोजल दिया तो उस समय कैसा महसूस हुआ?

उस समय मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि यह अचानक क्या हुआ। मैं ब्लैंक हो चुकी थी। समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या बोलूं। मैंने एक बार गुरमीत से कहा था कि मुझे सबके सामने प्रपोज करना, लेकिन उन्हें मेरी वो बात अब तक याद होगी, इसका तो मुझे अंदाजा भी नहीं था। लेकिन सच कहूं तो गुरमीत को अपनी जिंदगी में पाकर मैं बहुत खुश हूं।


गुरमीत


अचानक देबीना को प्रपोज करने का ख्याल कैसे आया?

एक बार देबीना ने मुझसे कहा था कि मुझे किसी रेस्टोरेंट में प्रपोज करना। तो मैंने सोचा कि क्यों न नेशनल टीवी पर ही उसे प्रपोज कर दूं। फिर मैंने इस शो के दौरान पाया कि वह हर चीज को बहुत ही बेहतर तरीके से संभाल सकती है। बस फिर क्या था, कर दिया प्रपोज।

तीनों बच्चों में से कौन सा बच्चा ज्यादा प्यारा लगता था?

बच्चे तो सारे ही बहुत प्यारे लगते हैं। पर वेरोनिका बहुत ही मासूम थी। लकी के बारे में क्या कहूं। सभी बच्चे बहुत ही प्यारे और अच्छे थे और सबके साथ मुझे मस्ती करना बहुत पसंद था।

देबीना की कोई ऐसी आदत, जो आपको पसंद न हो?

सच कहूं तो देबीना में ऐसी कोई भी बात नहीं, जो मुझे पसंद न हो। मुझे उसकी हर बात पसंद है। उसकी बातों में एक भोलापन है, सच्चाई है।
 
तो शादी करने का विचार कब है?

हमने इस बारे में अपने-अपने माता-पिता को बताया है। वो सभी जल्द ही एक मीटिंग रख कर इस बारे में बात करेंगे और फिर देखते हैं कि हम लोग कब शादी का लड्डू खाते हैं। फिलहाल तो मैं इस बारे में आपको कुछ भी नहीं बता सकता।

शो की जिंदगी और रीयल लाइफ में क्या अंतर पाया?

शो वाली जिंदगी ज्यादा अच्छी थी। इतना मजा आता था कि क्या कहूं। उस समय भी मैं कमाने जाता था, लेकिन एक घर जैसा माहौल होता था। असल जिंदगी में तो समय ही नहीं मिल पाता। शांति नहीं है, बस भागमभाग लगी रहती है। 

शो के बाद कैसा महसूस कर रहे हैं?

अब घर का काम करने लगा हूं। पहले तो प्लेट भी उठा कर नहीं रखता था। अब अपनी कामवाली बाई के लिए मेरे दिल में इज्जत और बढ़ गई है, क्योंकि बच्चों को संभालने का काम महिलाएं ही कर सकती हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शादी से पहले संभालने पड़े बच्चे