DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाकिस्तान में हैं अल कायदा की जड़ें: अमेरिका

पाकिस्तान में हैं अल कायदा की जड़ें: अमेरिका

ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व वाला अल कायदा भले ही कई देशों में हो लेकिन इसका आधार मूलत: पाकिस्तान के कबायली इलाकों में ही है जहां से वह अमेरिका एवं इसके सहयोगियों के खिलाफ हमले का षडयंत्र बनाता है। यह बात अमेरिका के एक पवरू नौसेना अधिकारी ने कही है ।

नौसेना के पूर्व हेलीकाप्टर पायलट रिक ओजी नेल्सन ने कहा कि हाल में पाकिस्तान और भारत में हुए हमलों में अल कायदा ने पाकिस्तानी तालिबान के साथ गठबंधन किया। उन्होंने कहा कि अल कायदा की अमेरिका एवं दुनिया भर के हमारे मित्रों एवं सहयोगियों पर हमले की इच्छा बनी हुई है। नेल्सन ने कहा कि संगठन की कई देशों में पहुंच है लेकिन इसका आधार पाकिस्तान के अर्धशासित कबायली इलाकों में है।

नेल्सन फिलहाल रणनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के इंटरनेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम में वरिष्ठ फेलो हैं। उन्होंने कहा कि अल कायदा की जड़ें दक्षिण एशिया के बाहर भी फैली हुई हैं। अमेरिका ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब तालिबान के गढ़ माने जाने वाले अशांत दक्षिणी वजीरिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की बडी़ सैन्य कार्रवाई लगातार छठे दिन जारी है।

न्यूजर्सी से डेमोकेट्रिक सांसद मेंडेज ने कहा हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि पाकिस्तान को यह धन मिल रहा है, आतंकवादियों से लड़ने और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका के प्रयासों का समर्थन करने पर आने वाले खर्च की उसको भरपाई की जा रही है।

उन्होंने कहा हमारी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह संघर्ष महत्वपूर्ण है और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसके लिए हमारे समर्थन का गलत इस्तेमाल न रहो। यह सुनिश्चित करना केवल हमारे ही लिए सही ही नहीं है कि अमेरिकी करदाताओं का धन तयशुदा मकसद में इस्तेमाल हो, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और करदाताओं के धन के प्रहरी होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी भी है।

अमेरिका पर 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ अभियान के तहत कोएलिशन सपोर्ट फंड से अमेरिका की ओर से 7.6 अरब डॉलर की राशि मिल चुकी है। रिपब्लिकन कोर्कर ने कहा इस प्रावधान का सीधा सा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी करदाताओं की खून पीसने की गाढ़ी कमाई उसी मद में इस्तेमाल हो जिसके लिए उसे प्रदान किया गया है।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पिछले माह कहा था कि उनके कार्यकाल में उपलब्ध करायी गयी सैन्य सहायता का इस्तेमाल भारत के खिलाफ रक्षा तंत्र को मजबूत बनाने में किया गया। विधेयक में कहा गया है कि पाकिस्तान को भारी सहायता पैकेज दिए जाने से पूर्व पेंटागन को इस बात की पुन: पुष्टि करनी होगी कि इस्लामाबाद अलकायदा, तालिबान तथा अन्य आतंकवादियों के खिलाफ ठोस संघर्ष कर रहा है।

प्रावधान में पेंटागन को निर्देश दिया गया है कि वह इस बात पर निगरानी रखे कि पाकिस्तान उसे दिए जाने वाले सैन्य हार्डवेयर का इस्तेमाल कैसे कर रहा है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि अमेरिका की मंजूरी के बिना इन रक्षा उपकरणों और सेवाओं का अन्य पक्षों को हस्तांतरण प्रतिबंधित हो सकेगा।

विधेयक में व्हाइट हाउस को निर्देश दिया गया है कि वह पाकिस्तान में दीर्घकालिक सुरक्षा तथा स्थिरता की दिशा में प्रगति के संबंध में प्रत्येक 180 दिनों के बाद सांसदों को एक रिपोर्ट भेजेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पाकिस्तान में हैं अल कायदा की जड़ें: अमेरिका