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लम्बी कानूनी जंग आखिरकार आरती ने जीत ली

नौ साल आठ माह छब्बीस दिन की लम्बी कानूनी जंग आखिर आरती ने जीत ली। तेजाब कांड के तीनों गुनाहगारों को कोर्ट ने सजा सुना दी। अभिनव मिश्र को दस साल की कैद और पाँच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं उसके दोस्त विपिन मिश्र और राकेश मल्लाह को आठ-आठ साल की कैद और दो-दो लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माने का 40 फीसद हिस्सा आरती को दिया जाएगा। वहीं इस कांड में घायल आरती के पिता को भी जुर्माने की दस फीसद रकम देने का आदेश दिया गया। इससे पहले सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरती की अपील भी सुनी और उसे नोट किया।

इस दौरान बचाव पक्ष के वकीलों की जगह उनके जूनियर कोर्ट में मौजूद रहे। उधर, वकीलों के एक समूह ने कोर्ट परिसर के बाहर अभिनव को फाँसी दो के नारे लगाने शुरू किए तो महिला संगठन भी उनके साथ हो लिया। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस और क्यूआरटी की कड़ी सुरक्षा के बीच अभिनव को जेल ले जाते समय वकीलों ने उसे पीट दिया।

लंच के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट खचाखच भरी थी। सभी को आरती के गुनाहगारों को सजा सुनाए जाने का इंतजार था। दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर चपरासी ने मामले में पुकार लगाई तो सभी आरोपी नदारद थे। 20 मिनट बाद तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। कोर्ट में मौजूद वकीलों को यह इन्तजार नागवार गुजरा। इसे अदालत का अपमान बता सभी हो-हल्ला मचाने लगे। कोर्ट ने खुद वकीलों को शांत रहने के लिए कहा।

सुनवाई के दौरान अभिनव के वकील ने उसके नवविवाहित होने, मिर्गी का दौरा पड़ने और उच्च शिक्षित होने की दलील दे कम सजा देने की माँग की। विपिन की ओर से पहला अपराध होने, सीधे अपराध में शामिल न होने, साक्ष्य न होने की दलील दे न्यूनतम सजा देने की माँग की। राकेश की ओर से माता-पिता बूढ़े होने और परिवार की जिम्मेदारी की दलील दे कम सजा देने की माँग की गई। इसके बाद सरकारी वकील राजेन्द्र प्रसाद उत्तम ने इसे जघन्य अपराध बताते हुए उम्र कैद की सजा और दस लाख जुर्माने की सजा दिए जाने की माँग की।

कोर्ट ने आरती को भी बोलने का मौका दिया। आरती ने कोर्ट से कहा कि वह अभियुक्तों के लिए उम्र कैद की सजा देने की माँग करती है। इसके साथ ही दस लाख रुपए जुर्माना भी किया जाए। 4.20 बजे कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। फैसला सुनने के बाद तीनों आरोपियों को पीछे के रास्ते से ले जाया गया।

बाहर निकलते समय वकीलों ने मौका पाकर अभिनव को पीट दिया। इसे लेकर वकीलों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। सुरक्षा के इतने भारी बंदोबस्त के बावजूद अभिनव और उसके साथियों को जेल ले जाने में पुलिस को पसीना छूट गया।

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