DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रेलवे माल गोदाम में छापा, दो करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी

वाणिज्य कर विभाग के एसआईबी ने गुरुवार को सेण्ट्रल स्टेशन के रेलवे चेकपोस्ट और कोपरगंज रेलवे माल गोदाम में छापेमारी करके फर्जी और कोरे फॉर्म-38 से करोड़ों रुपए भण्डाफोड़ किया। प्रथम द्रष्टया पड़ताल में दो करोड़ रुपए से अधिक की वाणिज्य कर चोरी प्रकाश में आई है। एसआईबी टीम ने एक ट्रक मटरी (कैटिल फीड) जब्त भी की है।

एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर आरए सेठ के मुताबिक सेण्ट्रल स्टेशन कैण्ट साइड स्थित वाणिज्य कर चेकपोस्ट से बिना टैक्स अदा किए माल निकलने की पुख्ता सूचना के बाद गुरुवार अपराह्न् एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर मीर सिंह के साथ रेलवे चेकपोस्ट पर छापा मारा गया। व्यापारियों के बिल-बिल्टी के साथ वाणिज्य कर विभाग का रजिस्टर भी जब्त कर लिया गया। पड़ताल के बाद पता चला कि कोपरगंज स्थित रेलवे माल गोदाम से कनाडा और फ्रांस से आने वाली मटरी लखनऊ और कानपुर की दाल मिलों को भेजी गई है।

इसके बाद रेलवे माल गोदाम में छापा मारा गया तो पता चला कि 1800 बोरी मटरी लखनऊ की सिंहल दाल मिल को भेजी गई है। जाँच में फॉर्म-38 और दालमिल दोनों फर्जी पाई गई। इसी प्रकार बिना फॉर्म-38 पास कराए लखनऊ की ओसवाल पल्सेज प्राइवेट लिमिटेड को 3300 बोरी मटरी भेजी गई है। दोनों निकासी में धेला भर भी टैक्स नहीं अदा किया गया है।

छापे के दौरान एसआईबी ने मालगोदाम से निकल रहा 3300 बोरी लदा ट्रक रोका और पड़ताल की तो उसका भी फॉर्म-38 ब्लैंक पाया गया। यह ट्रक लालबंगला स्थित दाल मिल प्रसाद इण्डस्ट्रीज जा रहा था। डिप्टी कमिश्नर आरए सेठ का कहना है कि इससे साफ है कि यह ट्रक भी बिना टैक्स दिए ही निकालने की कोशिश की जा रही थी, इसे जब्त कर लिया गया है।

श्री सेठ ने बताया कि गोदाम का स्टॉक रजिस्टर चेक करने से पता चला कि अब तक इस महीने छह रैक मटरी आ चुकी है। एक रैक (41 वैगन) की कीमत 4.15 करोड़ रुपए हैं। पिछला रिकार्ड चेक करने पर पता चला कि हर महीने कम से कम 10 रैक मटरी लाई जा रही है, जिसकी खपत, दाल मिलों और बेसन बनाने में है। अभी तक दो करोड़ रुपए की वाणिज्य कर चोरी प्रकाश में आई है। आगे की छानबीन जारी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रेलवे माल गोदाम में छापा