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लखनऊ से मिली डंपिंग ग्राउंड को हरी झंडी

लंबे समय बाद शासन ने डूंडाहेड़ा में डंपिंग ग्राउंड बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। गाजियाबाद से गए प्रस्ताव पर शासन ने लैंड यूज चेंज कर दिया है। अब केंद्र सरकार से मिली सहायता से मॉर्डन तकनीक पर आधारित डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा। बिल्डरों की योजना के चलते यह मामला लंबे समय से अटका हुआ था।

जीडीए उपाध्यक्ष नरेंद्र चौधरी ने बताया कि शासन ने डूंडाहेड़ा में डंपिंग ग्राउंड का रास्ता साफ कर दिया है। यह जगह 2021 मास्टर प्लान में आवासीय थी। लैंड यूज का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसपर गुरुवार को फैसला लिया गया। करीब चौदह एकड़ जमीन पर यह डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने पहले ही तेरह करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत कर रखे हैं। डूंडाहेड़ा में बनने वाला यह डंपिंग ग्राउंड मॉर्डन होगा। चारदीवारी के अंदर बनने वाल प्लांट से कचरे की समस्या हल होगी। इस कचरे से गैस और बिजली भी बनाई जा सकेगी।

गाजियाबाद नगर निगम कचरे की समस्या को लेकर परेशान था। कभी सांई उपवन, कभी रमतेराम तालाब, तो कभी नंदी पार्क के पास कचरा डाला जा रहा है। नई तकनीक पर आधारित प्लांट से शहर की आबोहवा भी साफ रहेगी। इस डंपिंग ग्राउंड के आस-पास प्राइवेट बिल्डरों के बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ये बिल्डर नहीं चाहते थे कि यहां डंपिंग ग्राउंड बने। इसके चलते मामला लंबे समय तक अटका रहा। 

लड़ाकू विमान की उड़ान का रास्ता साफ--
निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी बताते हैं कि हिंडन एयरपोर्ट के अफसरों ने डंपिंग ग्राउंड की समस्या उठाई थी। कचरे पर आने वाले पक्षियों के चलते उड़ानों को खतरा था। दिल्ली की सुरक्षा के लिए यह हवाई अड्डा दोबारा प्रयोग में लाया जा रहा है। डूंडाहेड़ा के लिए एयरपोर्ट अफसरों ने एनओसी दे रखी है। त्यागी ने बताया कि नया प्लांट बनने से लड़ाकू विमानों के उड़ने की समस्या भी हल होगी। पार्षद डूंडाहेड़ा में प्लांट को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे।

प्लांट से लाभ
-शहर की कचरे की समस्या होगी हल
-निर्बाध उड़ान भरेंगे लड़ाकू विमान
-कचरे से बनाई जाएगी बिजली
-चारदीवारी के अंदर बनेगा मॉर्डन प्लांट

 

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  • Web Title:लखनऊ से मिली डंपिंग ग्राउंड को हरी झंडी