‘एसएमएस और ई-मेल स तलाक गैर इस्लामी’ - ‘एसएमएस और ई-मेल स तलाक गैर इस्लामी’ DA Image
15 दिसंबर, 2019|12:49|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

‘एसएमएस और ई-मेल स तलाक गैर इस्लामी’

हरियाणा क पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन उर्फ चांद द्वारा फोन और एसएमएस से पत्नी फिाा को तलाक दन को लेकर यह बहस एक बार फिर ताजा हो उठी कि आधुनिक संचार माध्यमों स तलाक इस्लाम क नजरिये स सही है या नहीं। ज्यादातर इस्लामी विद्वान इसस इत्तेफाक नहीं रखत। फिाा न शनिवार को बताया, ‘चांद न मुझ फोन किया और तीन बार ‘तलाक’ कहा। उन्होंन एसएमएस से भी मुझ तलाक दिया।’ मुस्लिम महिलाओं क बीच शादी और तलाक को लेकर हुए सर्वक्षण मं पाया गया कि 2008 मं कम स कम 15 तलाक एसएमएस से दिये गये। यह सर्वक्षण जामिया मिलिया इस्लामिया विवि क ‘दलित व अल्पसंख्यक केंद्र’ की ओर स किया गया। जामिया मं इस्लामिक विभाग क प्रमुख अख्तरुल वास का कहना है, ‘इस्लाम मं एसएमएस या ई-मल स तलाक दन का कोई प्रवधान नहीं है और एसे तलाक गैर इस्लामी है।’ ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर न कहा कि फोन, एसएमएस या फिर ई-मल स तलाक पूरी तरह अनैतिक और गैर इस्लामी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ‘एसएमएस और ई-मेल स तलाक गैर इस्लामी’