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महाराष्ट्र-अरुणाचल में फहरा कांग्रेसी परचम

महाराष्ट्र-अरुणाचल में फहरा कांग्रेसी परचम

कांग्रेस महाराष्ट्र में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है जबकि अरुणाचल प्रदेश में उसे क्लीन स्वीप मिला है।

महाराष्ट्र में पिछले दस साल से सत्ता पर काबिज कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को 288 सदस्यीय विधानसभा में 144 सीटों पर जीत हासिल हुई है और उसे सामान्य बहुमत के लिए केवल एक और सीट की जरूरत है।

पार्टी के बागी उम्मीदवारों और निर्दलीयों ने 49 सीटों पर जीत हासिल की है, ऐसे में सत्ताधारी गठबंधन को बहुमत का आंकड़ा हासिल करने में कुछ खास दिक्कत नहीं आएगी। कांग्रेस-राकांपा ने अपने प्रदर्शन में कुछ सुधार किया है और पिछले चुनाव में जहां 140 सीटें उसे मिली थीं, वहीं इस बार चार सीटें ज्यादा उसकी झोली में आई हैं।

महाराष्ट्र में इस बार भी मुख्यमंत्री कांग्रेस का ही होना तय है, जिसने 79 सीटों पर सीट दर्ज की है जबकि उसकी सहयोगी राकांपा ने 62 सीटों पर जीत हासिल की है। पिछले चुनाव में राकांपा ने 71 और कांग्रेस ने 69 सीटें जीती थीं।

राज ठाकरे की मनसे ने इस बार शिवसेना-भाजपा गठजोड़ के वोट बैंक में सेंध लगा दी। भगवा गठबंधन को 90 सीटें ही मिल पाईं जबकि 2004 में यह आंकड़ा 116 था। भाजपा को 45 सीटें मिली हैं और एक अन्य पर वह आगे है जबकि शिवसेना ने 43 सीटें जीती हैं और एक अन्य पर वह आगे है।

अरुणाचल प्रदेश में पार्टी ने दमदार प्रदर्शन किया है और कांग्रेस को दो तिहाई बहुमत हासिल हो गया है। 60 सदस्यीय विधानसभा में उसने 42 सीटें जीती हैं जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 34 था।

महाराष्ट्र में कांग्रेस-राकांपा की जीत के साथ ही मुख्यमंत्री पद के लिए दौड़ तेज हो गई है। मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के साथ साथ केन्द्रीय मंत्री विलासराव देशमुख भी प्रबल दावेदार हैं। चव्हाण ने कहा है कि इस बारे में फैसला पार्टी आलाकमान और विधायकों को करना है। बारी बारी से मुख्यमंत्री बनाए जाने की राकांपा नेता एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल की मांग को उन्हीं की पार्टी के मुखिया एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने नकार दिया है। पवार ने कहा कि अगले मुख्यमंत्री के बारे में फैसला कांग्रेस करेगी।

दूसरे खेमे में भाजपा ने हार स्वीकार ली है और उसने शिवसेना में फूट को इसका जिम्मेदार बताया है जबकि शिवसेना ने कहा है कि वह किसी पर दोष मढ़ने से पहले हार के कारणों की समीक्षा करेगी। चव्हाण नांदेड़ की भोकर सीट पर जीते हैं। उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी जीत का सेहरा बांध चुके हैं लेकिन कुछ मंत्री हारे भी हैं। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बेटे राजेन्द्र सिंह शेखावत अमरावती में कड़े मुकाबले में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार सुनील देशमुख से चुनाव जीत गए हैं।

अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस ने 42 सीटें जीती हैं। मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और दो अन्य पार्टी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। राज्य में पहली बार चुनाव लड़ी तृणमूल कांग्रेस तथा संप्रग के एक अन्य घटक राकांपा ने पांच-पांच सीटें जीती हैं।

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