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बंद हुआ ईदगाह बूचड़खाने का हलाल सेक्शन

आखिर ईदगाह बूचड़खाने का हलाल सेक्शन बुधवार को बंद कर दिया गया। मीट कारोबार से जुड़े लोगों ने एमसीडी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ईदगाह परिसर में काले झंडे लगा दिए। एहतियात के तौर पर बूचड़खाने के पास पुलिस लगा दी गई है। कारोबारियों का कहना है कि वे किसी कीमत पर गाजीपुर बूचड़खाने नहीं जाएंगे, चाहे उन्हें अपना काम ही क्यों न बंद करना पड़े।

एमसीडी पहले ही इसे बंद करने की सार्वजनिक सूचना जारी कर चुकी थी। पिछले साल दस दिसंबर को झटका सेक्शन बंद कर दिया गया था, जबकि हलाल सेक्शन अब बंद कर दिया गया है। यहां करीब डेढ हजार बकरी व भेड़ का हलाल सेक्शन में वध किया जाता था।

दिल्ली मीट मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान आकिल कुरैशी का कहना है कि गाजीपुर में पशु कटवाने के लिए कई गुना अधिक रकम ली जाती है और पशुओं के वध के बारे में भी कुछ पता नहीं चलता। जबकि ईदगाह में पशु उनके सामने कटता है। गाजीपुर में कारोबारियों के लिए निगम ने सुविधा भी नहीं दी हैं। सेनेटरी लैंडफिल साइट्स के कारण स्वच्छ मांस की आपूर्ति भी नहीं हो पाएगी। 26 अक्तूबर को इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अभी कारोबारी काम नही करेंगे।

निगमायुक्त ने कहा कि इसे बंद करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं। 29 अक्तूबर को बफेलो सेक्शन बंद कर दिया जाएगा। इस मसले पर भाजपा पार्षद मौहम्मद इमरान इस्माइल ने नेता सदन सुभाष आर्य से मुलाकात कर, मीट कारोबारियों की समस्याओं से अवगत कराया।

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