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दयारा के नजारों में खो गए युवराज

मंगलवार को दिन भर छकाने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुधवार को भी मीडिया और कांग्रेसजनों से दूर रहे। बुधवार अल सुबह एक सामान्य टूरिस्ट बस से रवाना हुए राहुल दोपहर दयारा बुग्याल पहुंचे। दयारा के प्राकृतिक सौन्दर्य को देख कर राहुल और दल के अन्य सदस्य अभिभूत हो उठे। बुधवार और गुरुवार को वह दयारा में ही रुकेंगे। टुअर आयोजित करने वाली कंपनी ने दयारा में टेंट इत्यादि की व्यवस्था की है। सूत्रों का कहना है कि, 23 अक्टूबर की दोपहर राहुल उत्तरकाशी में लंच के बाद देहरादून के लिए रवाना होंगे।

बुधवार सुबह छह बजे चाय-नाश्ते के बाद राहुल 28 सदस्यीय दल के साथ दयारा के लिए भटवाड़ी की ओर निकल पड़े। यहां कुछ देर खरीदारी के बाद वह बासरू गांव पहुंचे। सामान्य टूरिस्ट बस से जैसे ही राहुल उतरे, स्थानीय लोग और मीडियाकर्मी उनसे मिलने के लिए आतुर हो उठे लेकिन एसपीजी ने किसी को उनसे मिलने नहीं दिया। इसके बाद राहुल ट्रेकिंग बैग लाद कर दयारा के ट्रेक पर निकल पड़े। रास्ते में कुछ बुजुर्गो को राहुल ने प्रणाम भी किया, लेकिन कई बुजुर्ग उन्हें नहीं पहचान पाए।

बासरू से लगभग 6 किमी. पैदल चलने के बाद दोपहर को दल दयारा पहुंचा। दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित दयारा में इन दिनों बेहद मौसम बेहद सुहावना है। यहां पहुंचते ही राहुल और अन्य लोग वहां के प्राकृतिक नजरों में खो गए।   सूत्रों ने बताया है कि, राहुल के साथ ट्रेकिंग पर गये दल में बहन प्रियंका गांधी का बेटा रिहान बडेरा समेत 2 अन्य बच्चे, 4 महिलाएं, कुछ सगे मित्र, संबंधी व एसपीजी की टीम शामिल हैं।

ट्रेकिंग कंपनी के एमडी नलिन खण्डूड़ी उन्हें ट्रेकिंग और पहाड़ के बारे में जानकारी दे रहे थे।  राहुल के आने की सूचना पर बासरू गांव के ग्रामीणों ने स्वागत करने और अन्य जानकारी लेने की कोशिशें की किन्तु एसपीजी ने उन्हें रोक दिया।

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