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हम सिब्बल के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं: झामुमो

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)  ने बुधवार को कहा कि वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा आईआईटी प्रवेश परीक्षा के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। उसने आरोप लगाया कि मंत्रालय अपने फैसले को थोपने के लिए आईआईटी परिषद का इस्तेमाल कर सकती है।

झामुमो के राज्यसभा सांसद हेमंत सोरेन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, मंत्री का कहना है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के योग्यता मानदंडों के निर्धारण पर फैसला आईआईटी परिषद को करना है। लेकिन परिषद की अध्यक्षता कौन करेगा? परिषद के सदस्यों को कौन चुनेगा?

मंत्री के बयान में और स्पष्टीकरण की मांग करते हुए सोरेन ने कहा, अगर मानव संसाधन विकास मंत्री खुद इसकी अध्यक्षता करते हैं, तो परिषद मंत्री के सुझावों को सुनने को बाध्य होगी।

मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को स्पष्ट किया था, कि आईआईटी प्रवेश परीक्षा में योग्यता मानदंडों पर फैसला आईआईटी खुद करेगी।

सोरेन ने कहा, हम संसद के शीतकालीन सत्र में इसे उठाएंगे, क्योंकि झारखंड के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है। इस क्षेत्र के ज्यादातर छात्र शर्मीले हैं और उच्च शिक्षा से वंचित किए जाने का आसान शिकार बनेंगे।

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