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आसान नहीं होगी कंगारूओं की चुनौती

आसान नहीं होगी कंगारूओं की चुनौती

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने रविवार को वडोदरा में शुरू हो रही सात मैचों की वनडे सीरीज में महेंद्र सिंह धोनी की टीम की चुनौती को काफी मजबूत आंका है, लेकिन अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम सिरदर्द ही साबित हुई है जिसके खिलाफ टीम इंडिया का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा है।

पोंटिंग ने भारत को उसकी सरजमीं पर कड़ा प्रतिद्वंद्वी करार दिया लेकिन मैच चाहे ऑस्ट्रेलिया में हो, भारत में या तटस्थ स्थान पर, पलड़ा हमेशा ऑस्ट्रेलिया का ही भारी रहा है। पोंटिंग ने भारत रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा था कि भारत को उसकी धरती पर हराना मुश्किल है। वे विदेशी दौरों की बजाए अपनी धरती पर बहुत अच्छा खेलते हैं।

पोंटिंग कुछ भी कहें लेकिन टीम इंडिया को अक्सर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के लिए जूझना पड़ा है। इसकी  बानगी इस बात से पता चलती है कि दोनों टीमों के बीच अब तक हुए 97 मैचों में भारतीय टीम सिर्फ 32 मैचों में जीत दर्ज करने में सफल रही है, जबकि 57 मैचों में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है।

भारत अपनी सरजमीं पर भी ऑस्ट्रेलिया नाम की पहेली का हल खोजने में नाकाम रहा है और दोनों टीमों ने यहां जो 37 मैच खेले उनमें से ऑस्ट्रेलिया ने 19 मैचों में बाजी मारी, जबकि टीम इंडिया सिर्फ 14 मैचों में ही विजय पताका लहरा पाई।

ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर तो भारत का रिकॉर्ड और भी खराब रहा है जहां मेजबान टीम के खिलाफ खेले 36 मैचों में टीम इंडिया सिर्फ नौ में ही जीत दर्ज करने में सफल रही, जबकि 26 मैचों में उसे शिकस्त का सामना करना पड़ा। तटस्थ मैदानों पर भी बाजी ऑस्ट्रेलिया के ही हाथ रही, जिसने 24 में से 12 मैचों में जीत हासिल की जबकि नौ मैचों में टीम इंडिया ने जीत को गले लगाया।
 
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया ने भारत की सरजमीं पर भी अपना दबदबा कायम रखा है और यहां खेले कुल 63 मैचों में से 38 में उसने बाजी मारी जबकि 21 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। टीम इंडिया के लिए बुरी खबर की सूची यहीं नहीं थमती और उसके प्रशंसकों को इस बात से और निराशा होगी कि नई शताब्दी यानी वर्ष 2000 से तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय प्रदर्शन में और गिरावट आई है। इस टीम के खिलाफ दो देशों की सीरीज में भी टीम इंडिया का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है।
    
भारतीय टीम ने 2000 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 40 वनडे मैच खेले, जिसमें से उसे सिर्फ 10 मैचों में ही जीत नसीब हुई जबकि 25 मैचों में टीम इंडिया को निराशा ही झेलनी पड़ी। दोनों टीमों के बीच इस दौरान खेले गए पांच मैच बेनतीजा रहे। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दो देशों की सीरीज में अब तक 23 मैच खेले गए, जिसमें से भारतीय टीम सिर्फ सात में जीत दर्ज कर सकी जबकि उसे 12 मैचों में हार झेलनी पड़ी है।
    
भारतीय प्रशंसकों को हालांकि इस खबर से सांत्वना मिलेगी कि मौजूदा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को टक्कर देने में सफल रही है। धोनी की अगुआई में भारत ने 14 मैचों में ऑस्ट्रेलिया का सामना किया जिसमें से उसे पांच में फतह मिली जबकि छह में उसे हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान खेले गए तीन मैचों में कोई नतीजा नहीं निकल सका।

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