DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गार्डों की जगह अब बांऊसर हो रहें है तैनात

सिक्योरिटी गार्ड का चलन अब पूराना हो चला है,गाडरे की जगह अब बाऊंसरों ने ले ली है। यहीं नहीं जहां भी बांऊस लगे है वहां सिक्युरिटी गार्ड बौने साबित हो रहे हैं। क्योंकि पुलिस पर अपने रुतबे का धौंस जमाने वाले रईसजादों के बिगड़े शहजादे इन बाउंसरों से ही काबू आते हैं।


कभी मॉडल और सिने स्टार के साथ दिखने वाले बाउंसर अब ट्वीन सिटी के नामी गिरामी पब,रेस्तरां व इंस्टीटय़ूट के लिए स्टेस सिम्बल बनते जा रहे हैं। शारदा इंस्टीटय़ूट ऑफ मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में भी सूटेड वुटेड बाउसंर सुरक्षा के लिहाज मुस्तैद दिखते मिलेंगे। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बिग बाजार,रिलायंस सुपर मार्केट, मैकडोनाल्ड, एलिवेट,स्पाईश वर्ल्ड, सेंटर स्टेज मॉल में भी बाउंसरों की पूछ बढ़ने से प्राइवेट सिक्युरिटी एजेंसियां की चिंता बढ़ गई है।


क्या है अंतर बाउंसर और सिक्युरिटी गार्ड की सर्विस में बाउंसरों और सिक्युरिटी गाडरे की सर्विस में जमीन-आसमान का अंतर है। एशियन सिक्युरिटी एंड इंटेलिजेंस लिमिटेड के मालिक एन पी सिंह की माने तो मोटे ताजे बाउंसर सिर्फ अपने मसल पावर के लिए ही जाने जाते हैं। सिक्युरिटी गार्ड की तरह वे इतना ट्रेंड नहीं होते कि किसी हालात से निपट सकें। हालांकि यह भी सच है कि बाउंसरों के कारण सिक्युरिटी मार्केट में कम्पीटीशन आया है।


क्या कहते है बाउंसर सेल के अधिकारी
नोएडा सेक्टर 18 सेंटर स्टेज माल स्थित ऐलिवेट,चड्डा ग्रुप के कोरपोरेट हेड एंड्रयू अपने बाउंसरों को सिक्युरिटी गार्ड के मुकाबले ज्यादा कम्पीटेंट बताते हैं। बाउंसर सिर्फ मसल पावर ही बल्कि दिलो दिमाग से स्ट्रांग होते हैं। शायद यहीं वजह है कि एक खास वर्ग के  लिए ये पसंदीदा बन गए हैं।

क्या है सिक्युरिटी एक्ट
केन्द्रीय गृह मंत्रलय द्वारा सिक्युरिटी के लिए प्रसार एक्ट (सिक्युरिटी एक्ट) पारित किए जाने से अब निजी सुरक्षा एजेंसियां गृह मंत्रलय के अधीन हो जाएगी। इससे सिक्युरिटी गार्ड को गवर्नमेंट से संबंद्धता प्राप्त इंस्टीटय़ूट संस्थानों से ट्रेनिंग लेना अनिवार्य हो जाएगा। बहरहाल हरियाणा,पंजाब,राजस्थान व उत्तराखंड जैसे राज्य में प्रसार एक्ट लागू है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के सैकड़ों प्राइवेट व पब्लिक फार्म दो सौ से भी अधिक सिक्युरिटी एजेंसियों के हाथों है।

एक्ट लागू होने से क्या होगा सिक्युरिटी एजेंसियों का
अब एक्ट के लागू होने से सिक्युरिटी गाडरे की भर्ती व सर्विस की औपचारिकताएं इनके लिए टेढ़ी खीर से कम नहीं होगा। ऐसे में बाउंसरों की चांदी ही चांदी होनी है,एक आउटलेट में सीनियर मैनेजर विवेक कश्यप ने बाउंसरों की सर्विस पर भरोसा जताया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गार्डों की जगह अब बांऊसर हो रहें है तैनात