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नंबर बताते ही होगी शिकायत दूर

एमसीडी अब वार्डो के अनुसार पार्कों की नंबरिंग करने जा रही है। साथ ही पार्क में पेड़-पौधे, ट्यूबवैल, लाइट्स, बेंच सभी चीजों का ब्यौरा एमसीडी के पास होगा। पार्क के हर के कोने पर छाया के लिए चार-चार पेड़ भी लगाए जाएंगे।
एमसीडी ने पार्कों की बदहाल स्थिति सुधारने के लिए नंबरिंग करने व पूरा रिकॉर्ड रखने का फैसला लिया है। मौजूदा समय में एमसीडी के करीब 15 हजार पार्क हैं, लेकिन इसमें अधिकांश की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। खुद उद्यान विभाग को ही अपने सभी पार्कों की जानकारी नहीं है। कागजों पर पार्कों की हालत ठीक होने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन मौके पर पार्कों में कब्जे देखे जा सकते हैं। नंबरिंग से पार्कों का ब्यौरा कंप्यूटर में दर्ज होगा और नंबर डालते ही पार्क का पूरा ब्यौरा मिल जाएगा। साथ ही अफसर भी पार्क के मामले में गुमराह नहीं कर सकेंगे।


उद्यान समिति के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने बताया कि पार्कों की नंबरिंग वार्ड के अनुसार की जाएगी। यानी 272 वार्डों में नंबरिंग होगी और उसके साथ वार्ड का नंबर भी डाला जाएगा। इससे लोगों की शिकायतें दूर करने में मदद मिलेगी। पार्क में कितने पेड़ हैं, ट्यूबवैल की क्या हालत है, पार्क में कितना अतिक्रमण है, उसका क्या साइज है, झूलों व लाइट्स की क्या स्थिति है, कितनी घास कटिंग की मशीन चाहिएं और कितने लोगों की जरूरत है, इसका आकलन किया जा सकेगा। जिससे पार्क की हालत भी सुधारी जा सकेगी।


इसके अलावा पार्क के चारों कोनों पर पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को छाया मिल सके। इसके लिए अफसरों की जबावदेही तय की गई है। अगर पार्क में समुचित पेड़ नहीं लगाए गए, तो संबंधित अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एक नजर इनपर भी-
एमसीडी के कुल पार्क -14636
अलंकृत पार्क - 4951
शादी के लिए पार्क - 675
चिल्ड्रन पार्क - 477
सामान्य पार्क - 9382
महिला पार्क - 36
हरित क्षेत्र - 5560 एकड़
ट्यूबवैल - 2676

 

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