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स्नैक्स लें मगर संभल कर

क्या चाय के समय आप आलू के चिप्स या ‘नमकीन’ खानपान पर टूट पड़ते हैं? जानिए नौ ऐसे रोजमर्रा के स्नैक्स के बारे में जिन्हें अक्सर चाय के साथ लिया जाता है। जानिए इनमें कौन से पदार्थ आपके लिए ठीक हैं और कौन से नहीं।

वडा पाव
कैलोरी : 370 किलोकैलोरी (1वड़ा =160 कि कैलोरी, ब्रैड =100- 120कि.कैलोरी,  मक्खन/ तेल=90 कि.कैलोरी)
यह ब्रैड पकोड़े का ही एक रूप है। आकार में बड़ा, लेकिन इसमें इस्तेमाल चीजें भी वही होती हैं : एक सफेद ‘पाव’ ब्रेड, पिसे हुए आलू और हल्की चटनी।
क्यों बुरा है : रिफाइन्ड आटे से बने बन और बेसन चढ़े आलुओं में भारी मात्र में काबरेहाइड्रेट्स होते हैं और इसमें पूरे भोजन के बराबर कैलोरी होती हैं। तलने से इसमें हानिकारक ट्रांस-फैट्स भी होते हैं। साथ में हल्की सी चटनी भी सेहत को कोई लाभ नहीं होता।

इंस्टेंट नूडल्स
कैलोरी
: प्रति 75ग्राम पैकेट में 330-350 कि.कैलोरी
‘इंस्टेंट’ नूडल्स रिफाइंड आटे से बनते हैं और यह विशेष फ्लेवर वाले पैक में आते हैं।
क्यों बुरे हैं : अपने अस्तित्व और कैलोरिफिक गुणों के कारण यह भोजन के विकल्प के बराबर होता है, जिसे हम भूख मिटाने के लिए ग्रहण करते हैं। इसमें आमतौर पर 60-70 प्रतिशत रिफाइंड काबरेहाइड्रेट्स होते हैं। शेष अधिकांश कैलोरी वसा के जरिए आती है। इसमें फ्लेवर पैकेट जैसे प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं। फ्लेवर के एक पैकेट में 900 ग्राम नमक होता है, जो आपकी रोजाना नमक की जरूरत का 40 प्रतिशत होता है। विवादास्पद मोनोसोडियम ग्लूटामेट  पदार्थ भी इसमें पाया जाता है।

वडा चटनी
कैलोरी : एक प्लेट में 270 किलो कैलोरी (एक वडा में 190 किलो कैलोरी और एक चम्मच चटनी में 80 किलो कैलोरी)
पिसी दाल के डीप-फ्राईड पकौड़े और नारियल व दाल की चटनी।
क्यों बुरी है : वडा में हाई कैलोरी होती है। चूंकि दाल से आपको कई प्रोटीन मिलते हैं, इसलिए वडा समोसा से कहीं बेहतर विकल्प है। मगर डीप-फ्राई करने से इसमें ट्रांस फैट और खतरनाक कार्सिनोजेन की भरमार हो जाती है। एक वडा में 15 ग्राम फैट होता है, यानी कि 120 किलो कैलोरी। फिर नारियल की चटनी में भी हाई कैलोरी होती है। जबकि एक चम्मच पुदीने की चटनी में केवल पांच कैलोरी होती है।

फ्रूट चाट
कैलोरी:  एक छोटी प्लेट में 50-100 किलो कैलोरी।
कई प्रकार के कटे हुए फल, बगैर नमक-मसाले के।
क्यों अच्छे हैं : काबरेहाइड्रेट्स की अच्छी मात्र और भरपूर फाइबर के कारण एनर्जी का भंडार होते हैं। इससे भूख मिटती है और दिल का बचाव होता है। इनमें विटामिन, मिनरल्स और एंटी-ऑक्सिडेंट्स का भी भंडार होता है। मगर इतना ध्यान रखें कि फल ताजे और साफ पानी से धुले हुए हों। जितने ज्यादा किस्मों के फल खाएंगे उतना ही सेहत के लिए ठीक रहेगा।

समोसा
कैलोरी : 240किलोकैलोरी (एक बड़ा या दो छोटे)
समोसा स्नैक्स का राजा है और आसानी से उपलब्ध होता है। खाने में स्वादिष्ट समोसा मैदे या आटे से बनता है और इसमें उबले या तले हुए आलू भरे जाते हैं।
क्यों बुरा है : इसमें भरपूर कैलोरी होती हैं, जो काबरेहाइड्रेट्स और वसा से बनती हैं। इसे बार-बार एक ही तेल में तला जाता है और इसी कारण इसमें सबसे हानिकारक किस्म के फैट्स पाए जाते हैं - ट्रांस फैट्स। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांस फैट्स हृदय के लिए सैचुरेटेड फैट्स से भी अधिक खतरनाक होते हैं। साथ ही इस्तेमाल किए गए तेल की शुद्धता भी शंका के घेरे में रहती है।

आलू चिप्स
कैलोरी : 100 ग्राम के पैक में लगभग 540कि.कैलोरी, 30 ग्राम के छोटे पैक में 164 कि.कैलोरी आलू चिप्स दरअसल असली आलू भी नहीं होते, यह तेज नमक के साथ आलू के गूदे से बनते हैं।
क्यों बुरे हैं : इसका स्वाद, कुरकुरापन और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए तेज नमक के साथ कई प्रिजर्वेटिव जैसे एसिडिटी रेगुलेटर्स, स्वाद बढ़ाने वाले तत्व आदि इस्तेमाल किए जाते हैं। लेबल पर ‘ट्रांस फैट्स रहित’ जैसे शब्दों से सावधान क्योंकि वह तेल को तेज आंच पर गर्म किए जाने पर पैदा होते हैं। लेबल सत्य तो होता है, लेकिन यह अधूरा सत्य है। और पैकेट में कितने ट्रांस-फैट हैं यह जानने का कोई जरिया नहीं।

पेस्ट्री
कैलोरी: 220-310 किलोकैलोरी
तीन गुणा पांच इंच का एक आयताकार स्पंज केक, जिस पर बटर क्रीम और चॉकलेट लगाकर सैंडविच बना दिया जाता है, पेस्ट्री कहलाता है।
क्यों बुरा है: रिफाइंड आटा या मैदा न तो भूख मिटाता है, न पौष्टिक होता है। आमतौर पर बटर क्रीम वनस्पति और शुगर का मिश्रण होती है, जिसमें मौजूद ट्रांस फैट युक्त वनस्पति तेल और हाई कैलोरी दिल और इसकी धमनियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसके अलावा अगर आपने पेस्ट्री किसी अच्छी साख वाली बेकरी से नहीं खरीदी है, तो इसके रंग और स्वाद के लिए डाला गया मसाला भी नुकसानदेह हासे सकता है।

स्टीम्ड कॉर्न
कैलोरी : एक कप में 150 किलो कैलोरी।
मक्का के दानों को उबालने या भाप देने पर कैलोरी की मात्र में कोई अंतर नहीं आता। लेकिन उबले हुए कॉर्न ज्यादा तृप्ति देते हैं। अगर इन्हें बगैर बटर के खाएं, तो ज्यादा ठीक रहेगा।
क्यों अच्छे हैं: फाइबर और पोषक काबरेहाइड्रेट्स के साथ-साथ प्रोटीन से भी भरपूर हैं। इनमें अलग से कोई
फैट और शुगर नहीं होता और मिठास कुदरती है। इसके अलावा कुदरती तौर पर कुछ विटामिन और मिनरल्स भी इनमें मौजूद होते हैं। इनकी तुलना में सिके हुए भुट्टे कम पौष्टिक होते हैं।

रोस्टेड ग्रेन्स और दालें
कैलोरी : 30 ग्राम के पैक में 90-115 किलो कैलोरी और 50 ग्राम के पैक में 175 किलो कैलोरी।
बाजरा, ओट्स, सोया, बंगाली चना, वगैरह। इसमें मसाला न डालें, इसके बजाय नीबू निचोड़ लें।
क्यों अच्छा है : टाइम पास करने के लिए कुछ चबाने का मन करे, तो इससे बेहतर कोई विकल्प नहीं है। इसमें फैट न के बराबर होता है, प्रोटीन हाई होते हैं, और ये ऐसा ठोस आहार होता है, जिसमें फाइबर का भंडार  तो होता है, मगर ट्रांस फैट नहीं होता। बंगाली चना सिकी हुई मूंफली की बनिस्पत ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें फैट कम होता है, और कैलोरी ज्यादा। रोस्टेड ग्रेन्स में प्रोटीन और आयरन की भी बहुतायत होती है।

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