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जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त कार्यशाला करेंगे भारत और चीन

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त कार्यशाला करेंगे भारत और चीन

भारत और चीन जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कल एक राष्ट्रीय कार्ययोजना के लिए संयुक्त रूप से कार्यशाला आयोजित करेंगे जिसमें दोनों देश ग्लोबल वार्मिंग के वैज्ञानिक, तकनीकी तथा नीतिगत पहलुओं पर अपने अपने अनुभवों को बांटेंगे।

दोनों देशों द्वारा ऊर्जा दक्षता, अक्षय ऊर्जा तथा सतत विकास के मुद्दों पर करीब- करीब समान बिंदुओं को ध्यान में रखकर बनायी गयी राष्ट्रीय कार्य योजनाओं के मद्देनजर कोपेनहेगन बैठक से पूर्व यह कार्यशाला आयोजित करने का फैसला किया गया। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर दिसंबर में कोपेनहेगन में शिखर सम्मेलन होने जा रहा है।

इस कार्यशाला से पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश तथा उनके चीनी समकक्ष शी क्षेनहुआ के बीच द्विपक्षीय मुलाकात का भी अवसर पैदा होगा। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।

क्योटो प्रोटोकाल के अनुसार, जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए भारत और चीन दोनों ही देशों का मानना है कि विकासशील देशों के बजाय विकसित देशों को इस दिशा में अधिक काम करने की जरूरत है क्योंकि ऐतिहासिक रूप से वे इस समस्या के लिए जिम्मेदार हैं।

दोनों देश इस कार्यशाला में तकनीकी विकास, अक्षय ऊर्जा, वन तथा स्वच्छ कोयले जैसे विभिन्न सेक्टरों में सहयोग के लिए एक समझौता भी करेंगे।

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