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सत्ता मंदिर-मस्जिद बनाने का माध्यम नहीं है

सत्ता मंदिर-मस्जिद बनाने का माध्यम नहीं है

सत्ता सेवा का माध्यम है मेवा का नहीं, सत्ता विकास का मानवता माध्यम है। बिहारी बाबू ने भाजपा के एजेंडे से बिल्कुल अलग बात करते हुए कहा कि सत्ता मंदिर या मस्जिद बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह धार्मिक सौहार्द का माध्यम है। शांति ही प्रगति के अवसर पैदा करती है और उसी से सफलता और विकास आता है और अगर यह हो गया तो हम गर्व से कह पाएंगे कि हम बिहारी हैं। दशा को दिशा में बदलने के लिए कारण पर रौशनी डालने की जरूरत है। योजनाएं पिछड़ती चली जाती हैं और उससे लागत योजना की लागत बढ़ जाती है, ट्रांसप्रेसी की जरूरत है। बिहारी बाबू ने राहुल गांधी की तारीफ पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अच्छा काम करे उसकी तारीफ होनी ही चाहिए भले ही वह किसी भी पार्टी या सरकार का हो।

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