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राज्य के परिवहन मंत्री की पत्नी भी जांच घेरे में

राज्य के परिवहन मंत्री की पत्नी भी जांच घेरे में

गोवा बम धमाके की गुत्थी सुलझाने में लगी है जांच एजंसी। गोवा के गृह मंत्री रवि नाईक ने हिन्दूवादी संगठन सनातन संस्था को धमाके का जिम्मेदार बताया है। इस संस्था के विदेशी रिश्तों की भी जांच की जा रही है।

मगर गोवा के परिवहन मंत्री रामकृष्ण धावलीकर की पत्नी ज्योति धावलीकर का नाम उछलने से मामले का राजनीतिकरण भी हो रहा है, ऐसी चर्चा है। सोमवार को सनातन संस्था ने गृह मंत्री नाईक के खिलाफ आक्रामक रूख जताते हुए कहा कि सनातन संस्था को फंसाने की राजनीतिक साजिश हो रही है।

इधर यह भी उजागर हुआ है कि धमाके में मारा गया मालगोंडा पाटील सनातन संस्था का सदस्य था और उस पर पहले से ही सीआईडी की नजर थी। गृह मंत्री नाईक के मुताबिक परिवहन मंत्री की पत्नी से पूछताछ होगी। क्योंकि वह सनातन संस्था की सदस्य हैं। दूसरी बात यह कि धमाके में इस्तेमाल स्कूटर के मालिक निशाद वाखले परिवहन मंत्री के रिश्तेदार बताए जाते हैं। हालांकि, यह स्कूटर दो साल पहले धमाके में घायल योगेश नाईक के भाई सुरेश नाईक को बेच दिया गया था।

सनातन संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक का कहना है कि निशाद सनातन का सदस्य नहीं था। लेकिन योगेश आश्रम में दूध बेचता था और वह भी सदस्य था। गोवा धमाके और मालेगांव धमाके में स्कूटर की समानता दिख रही है। मालेगांव धमाके के लिए कुछ महीने पहले बेचे गए स्कूटर का इस्तेमाल किया गया था। वैसे सनातन के प्रवक्ता का कहना है कि उनकी संस्था से मालेगांव धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि सनातन संस्था तालिबानी या लश्करे तोएबा या नक्सली संगठन नहीं है।

इधर गृह मंत्री नाईक सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने के लिए जांच एजंसी को सबूत जुटाने का निर्देश दिया है। उधर सनातन संस्था के प्रवक्ता का कहना है कि गृह मंत्री नाईक हिन्दुओं की एकजुटता से परेशान होकर बदनाम करने के लिए सनातन संस्था का नाम ले रहे हैं। गोवा के डीआईजी राजेंद्र यादव ने हिन्दुतान को बताया कि परिवहन मंत्री की पत्नी से पूछताछ नहीं की गई है। 

सीआईडी विभाग के एसआई प्रकाश श्रीगिरि मालगोंडा पर नजर टिकाए हुए थे और उनके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए 10 अक्तूबर को गोवा के सनातन प्रभात के दफ्तर में फोन से बातचीत करने की कोशिश की थी। रिसेप्शन पर एक साधक से श्रीगिरि की बातचीत का अंश अखबार में छापा गया था। डीआईजी यादव ने बताया कि मालगोंडा सांगली जाता रहता था और वह हाल में मिरज में हुए साम्प्रदायिक दंगों के दौरान भी वहीं था।

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